हरियाणा में निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। किसान आंदोलन और कोरोना के बीच हुए इस चुनाव में दोनों दलों के दिग्गजों की साख दांव पर लगी है। गठबंधन सरकार निगम चुनाव जीतकर बरोदा उपचुनाव की हार का कांग्रेस से हिसाब चुकता करना चाहती है तो कांग्रेस बरोदा से शुरू हुआ जीत का सिलसिला बरकरार रखने की कोशिश में है।
इन चुनाव के परिणाम भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। रविवार को हुए मतदान के बाद कहीं पुनर्मतदान की जरूरत पड़ी तो 29 दिसंबर को वोट डलवाए जाएंगे। चुनाव परिणाम 30 दिसंबर को आएंगे। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
सोनीपत, पंचकूला में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है तो अंबाला में चार के बीच मुकाबला है। यहां पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी और पूर्व विधायक निर्मल सिंह समर्थित प्रत्याशी भी मैदान में है।
भाजपा और कांग्रेस नेता मेयर पद के लिए हुए सीधे चुनाव में अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, जबकि कम मतदान प्रतिशत ने प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ा दी है। नगर निगम में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों पर अधिक मतदान हुआ है, जबकि शहरी बूथों पर कम वोट पड़े हैं। इससे भी उम्मीदवारों की चिंताएं बढ़ी हैं। ग्रामीण मतदाता किस करवट बैठता है, यह चुनाव नतीजे आने के बाद ही साफ होगा।
सोनीपत नगर निगम में गठन के बाद पहली बार चुनाव हुआ है, जबकि पंचकूला व अंबाला शहर में पुनर्गठन के बाद यह पहला चुनाव है। पंचकूला में कुलभूषण गोयल व उपेंद्र कौर आहलूवालिया, सोनीपत में ललित बत्रा व निखिल मदान, अंबाला में डॉ. वंदना शर्मा, मीना अग्रवाल व दो अन्य प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है।
2013 में स्थानीय निकाय चुनाव में हुआ मतदान
- पंचकूला 64.1
- अंबाला 67
- रेवाड़ी नगर परिषद 76
2014 नगरपालिका चुनाव का प्रतिशत
- सांपला 86.9
- धारूहेड़ा 78.7
- उकलाना 85.5
2020 निकाय चुनाव का प्रतिशत
- अंबाला 56.3
- सोनीपत 56.8
- पंचकूला 46.1
- रेवाड़ी नगर परिषद 69.1
- सांपला नगरपालिका 81.5
- धारुहेड़ा 73.8
- उकलाना 79.2