हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पांच साल पुराने मामले में न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर हलफनामा दाखिल न करना हरियाणा के डीजीपी को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने डीजीपी पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए यह राशि उनके वेतन से काटकर पीजीआई गरीब रोगी कल्याण कोष में जमा करवाने का आदेश दिया है।
हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती से जुड़े एक मामले में भर्ती में अनियमितताओं की बात कहते हुए 2017 में याचिका दाखिल की गई थी। याची पक्ष को सुनने के बाद 2017 में हाईकोर्ट ने डीजीपी को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। इस मामले में तारीख पर तारीख पड़ती गई लेकिन डीजीपी का हलफनामा नहीं आया।
पांच साल बीत जाने के बावजूद हलफनामा दाखिल ना करने और एक बार फिर से समय मांगने पर हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए डीजीपी को फटकार लगाई। हालांकि व्यापक जनहित को देखते हुए उन पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए इस राशि की कटौती उनके वेतन से करने का आदेश दिया है। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने डीजीपी को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने जुर्माने की यह राशि चंडीगढ़ पीजीआई के गरीब रोगी कल्याण कोर्स में जरूरतमंदों के इलाज के लिए हरियाणा सरकार को जमा करने का आदेश दिया है।