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Haryana: 1100 करोड़ खाते में, ई-टेंडरिंग के लिए पंचायतों ने प्रस्ताव भेजे मात्र 20, अप्रैल से पहले करने हैं खर

Wed, 01 Feb 2023 09:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंड़ीगढ़

सार

1100 करोड़ रुपये अप्रैल से पहले खर्च करने हैं। सरकार ने अब विधायकों जिम्मेदारी सौंपी है। बिना ई-टेंडरिंग वाले दो लाख रुपये तक के कार्य के लिए 1280 प्रस्ताव आए हैं। 
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विस्तार
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हरियाणा में ई-टेंडरिंग के विरोध का असर गांवों के विकास कार्यों पर दिखने लगा है। हरियाणा सरकार पंचायतों के खाते में 1100 करोड़ रुपये की राशि भेज चुकी है, लेकिन शपथ लेने के दो माह बाद भी नवनिर्वाचित पंचायतें ई-टेंडरिंग वाले प्रस्ताव भेजने में रूचि नहीं दिखा रही हैं।

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अब तक विकास एवं पंचायत विभाग के पास ई-टेंडरिंग वाले मात्र 20 प्रस्ताव ही आए हैं। इसके अलावा दो लाख रुपये तक के बिना ई-टेंडरिंग के होने वाले विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ 60 लाख रुपये के 1280 प्रस्ताव आ चुके हैं।

जनवरी में पंचायतों के खाते में डाली 1100 करोड़ रुपये की राशि को अप्रैल से पहले खर्च किया जाना है। नया वित्त वर्ष शुरू होते ही यह पैसा लैप्स हो जाएगा। पंचायतों से अधिक प्रस्ताव भिजवाने के लिए मुख्यमंत्री ने भाजपा के विधायकों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। अब विधायक सरपंचों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं, इसलिए सरकार हर हाल में गांवों की समस्याओं को निपटाने की कोशिश कर रही है।
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अपील का असर नहीं
हरियाणा में 6201 पंचायतें हैं। तीन दिसंबर को प्रदेशभर में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली थी। सरपंचों और पंचों ने ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रदेशभर में आंदोलन चलाया हुआ है। सरकार की अपील और जिला उपायुक्तों के प्रयास के बावजूद कुल 143 ब्लाॅक में से से 79 ब्लाॅकों ने ही विकास के लिए प्रस्ताव भेजे शुरू किए हैं। 64 ब्लाॅकों से एक भी प्रस्ताव नहीं आया है।

ई टेंडरिंग के लिए केवल तीन ब्लाॅक से ही आए प्रस्ताव
2 लाख से ऊपर के प्रस्ताव मात्र तीन ब्लाॅकों से आए हैं। इनमें अंबाला जिले के बराड़ा से 4, सोनीपत जिले के मुंडलाना से 8 और करनाल जिले के करनाल ब्लाक से विकास कार्यों के 8 प्रस्ताव मिले हैं। शेष 140 ब्लाॅकों से एक भी प्रस्ताव 2 लाख से अधिक की राशि का नहीं मिला है।

मेवात से अधिक सबसे अधिक 2 लाख के प्रस्ताव

  • पुन्हाना 136
  • भिवानी 89
  • रतिया 85
  • जाखल 53
  • नारायणगढ़ 9
  • बवानीखेड़ा 17
  • बल्लभगढ़ 5
  • हांसी 2
  • ढांड 33
  • गुहला 17
  • कैथल 46
  • कलायत 31
  • पूंडरी 52
  • राजौंद 31
  • सीवन 50
  • असंध 61
  • घरौंडा 62
  • करनाल 15
  • नीलोखेड़ी 13
  • मूनक 1
  • निसिंग 15
  • पिहोवा 10
  • थानेसर 9
  • अटेली नांगल 15
  • रायपुर रानी 5
  • खोल 4
  • रेवाड़ी 5
  • रोहतक 25
  • महम 7
  • सांपला 4
  • एलनाबाद 22
  • रानिया 4
  • गन्नौर 45
  • गोहाना 65
  • कथूरा 7
  • खरखौदा 32
  • मुंडलाना 45
  • मूरथल 19
  • सोनीपत 14
  • छछरौली 4
  • रादौर 7़
  • सरस्वती नगर 7

विकास कार्यो में गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए ही सरकार ने ई-टेंडरिंग का फैसला लिया है। धीरे-धीरे यह बात सरपंचों को समझ आ रही है। इसलिए अब वह विकास कार्यों के प्रस्ताव भेज रहे हैं। कुछ लोग ही विरोध कर रहे हैं, वह भी जल्द इस बात को समझ जाएंगे और विकास कार्यों में लग जाएंगे। -देवेंद्र बबली, मंत्री, पंचायत विभाग

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