हरियाणा में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों में अब पारदर्शिता बढ़ेगी। सड़कों और भवनों के निर्माण के दौरान होने वाली पैमाइश पर भ्रष्टाचार का खेल भी रुकेगा। इस काम को अब डिजिटलाइज किया जाएगा। एक विशेष जीपीएस बेस ट्रैकिंग सिस्टम से इस पर जेई से लेकर चीफ इंजीनियर स्तर के अफसर नजर रख सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी बीएंडआर मंत्री दुष्यंत चौटाला ने अमर उजाला संवाद में बताया कि हरियाणा में विभिन्न राज्यमार्गों समेत सड़कों और सरकारी भवनों का निर्माण इसी विभाग के माध्यम से करवाया जाता है। ये काम भी सरकार की ओर से करवाए जाने वाले बड़े विकास कार्यों की श्रेणी में आता है। लेकिन इस तरह के निर्माण कार्यों में पैमाइश के दौरान भ्रष्टाचार का खेल भी होता रहा है, क्योंकि ये काम अभी तक मैनुअल बुक में फिजिकल तरीके से किया जाता था। मगर भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश ही न रहे, इसके लिए सरकार यह नई व्यवस्था करने जा रही है।
दुष्यंत ने बताया कि विभाग की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और बढ़े, इसके लिए साइट पर पैमाइश का काम अब डिजिटलाइज कराया जाएगा। जीपीएस बेस ट्रैकर सिस्टम के जरिए ये काम अब टैबलेट पर होगा। इसके लिए खास सॉफ्टवेयर भी बनाया जा रहा है। साथ ही पैमाइश के पूरे काम पर जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक के आला अफसर नजर रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि आला अफसर पैमाइश कार्यों का मौके पर जाकर भी सत्यापन करेंगे।