हरियाणा में पिछले साल के मुकाबले अक्तूबर में डेंगू मरीजों की संख्या 50 फीसदी घट गई है। 23 अक्तूबर तक डेंगू मरीजों का आंकड़ा 1502 पार कर गया है। वहीं पिछले साल 23 अक्तूबर को हरियाणा में डेंगू के कुल 3015 मरीज आए थे।
मलेरिया के केसों ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पांच साल बाद मलेरिया के मरीजों की संख्या 182 दर्ज की गई है। पिछले साल 170 मरीज, 2023 में 85, 2025 में 52, 2021 में 54, 2020 में 111 केस आए थे। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस बार ज्यादा बारिश होने और टेस्ट ज्यादा होने से मलेरिया के केस ज्यादा आए हैं। इस साल अभी तक मलेरिया के 28 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू का सीजन अभी गया नहीं है। लोगों को एहतियात बरतनी होगी।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. मनीष बंसल ने बताया कि इस बार डेंगू को नियंत्रण करने के लिए सीजन से पहले ही कदम उठा लिए गए थे। घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की पहचान और उन्मूलन के लिए गतिविधियां चलाई गईं। 15 अक्तूबर तक कुल 3.62 करोड़ घरों का दौरा किया गया, जिनमें से 2.07 लाख घरों में लार्वा पाए गए।
सीजन शुरू होने से पहले 26 जून 2025 को एसीएस स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय बैठक बुलाई गई, जिसमें डेंगू-मलेरिया की बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सभी विभागों को भूमिकाएं सौंपी गईं। सभी विभागों के बीच मजबूत समन्वय रहा। वहीं, कुछ सीएमओ ने भी अच्छा काम किया है। पिछले साल पंचकूला में हजार से ज्यादा केस थे, मगर अभी सिर्फ 71 ही केस हैं। इन सब कारणों की वजह से डेंगू पर लगाम कसी जा सकी।
डेंगू के रोगियों के लिए 255 वार्ड और 1091 बेड आरक्षित
प्रदेश में अब तक डेंगू की जांच के लिए 76613 सैंपल लिए जा चुके हैं। अभी तक डेंगू से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। इस बार ब्लॉक स्तर पर भी ब्लड सैंपलिंग शुरू की गई है। इसके लिए 27 टेस्टिंग लैब्स सक्रिय हैं। डेंगू के मरीज बढ़ने की स्थिति पर सरकारी अस्पतालों में 255 वार्ड और 1091 बेड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी, गमले साफ रखें। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं, खुद से दवा न लें।
डेंगू के कहां कितने केस
अंबाला 8, भिवानी 22, दादरी 78, फरीदाबाद 60, फतेहाबाद 3, गुरुग्राम 55, हिसार 39, झज्जर 48, जींद 50, कैथल 34, कनाल 140, कुरुक्षेत्र 27, महेंद्रगढ़ 42, नूंह 7, पलवल 8, पंचकूला 71, पानीपत 60, रेवाड़ी 269, रोहतक 116, सिरसा 203, सोनीपत 109, यमुनानगर में 53 केस अब तक आ चुके हैं।
मलेरिया के किस साल कितने केस
2017 5696
2018 3134
2019 1497
2020 111
2021 54
2022 52
2023 85
2024 170
2025 182