फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिख पंथ में चल रहा विवाद समाप्त: ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की दोबारा ताजपोशी, पूर्व जत्थेदार ने पहनाई पगड़ी

Sat, 25 Oct 2025 04:09 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, श्री आनंदपुर साहिब

सार

10 मार्च को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गुरु पंथ और संगत की अनुपस्थिति में ही जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज की दस्तारबंदी कर दी थी, जिससे कई पंथक जत्थेबंदियां नाराज थी।
विज्ञापन
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की दोबारा ताजपोशी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तख्त श्री केसगढ़ साहिब में शनिवार को आयोजित विशेष सम्मान समारोह में सिख पंथ के भीतर पिछले आठ महीनों से चल रहा विवाद समाप्त हो गया। 
विज्ञापन


इस अवसर पर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज को पंथक रीति-रिवाजों के अनुसार एक बार फिर से श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी और श्री केसगढ़ साहिब के जथेदार के रूप में दस्तारबंद किया गया।

समारोह के दौरान पूर्व जथेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने स्वयं गड़गज्ज को पगड़ी पहनाई। कार्यक्रम में सिख और निहंग जत्थेबंदियों सहित अनेक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जत्थेदार गड़गज्ज ने दी एकता की अपील

इस मौके पर जानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सभी सिख जत्थेबंदियों से अपील की कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की छत्रछाया में एकजुट होकर चलें। उन्होंने पंजाब में हो रहे धर्म परिवर्तन को लेकर चिंता जताई और मोगा में नशे के लिए दंपति द्वारा अपने ही बच्चे को बेचने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया।

राजनीतिक दबाव में बदले समीकरण

सूत्रों के अनुसार एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और पूर्व जथेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने राजनीतिक दबाव के चलते गड़गज्ज की नियुक्ति को स्वीकार किया है। ज्ञात हो कि 10 मार्च को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गुरु पंथ और संगत की अनुपस्थिति में ही गड़गज्ज की दस्तारबंदी कर दी थी, जिससे कई पंथक जत्थेबंदियां नाराज थी।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उसी रात गुप्त रूप से गड़गज्ज को जत्थेदार नियुक्त किया था ताकि पंथ में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके। विरोध के बाद सुखबीर बादल ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए प्रमुख सिख संगठनों से मुलाकात की और गड़गज्ज को स्वीकार करने की अपील की। इसके चलते दोबारा ताजपोशी समारोह आयोजित किया गया।

इतिहास में पहली बार किसी जत्थेदार की दोबारा ताजपोशी

यह सिख इतिहास में पहला अवसर है जब शिरोमणि कमेटी द्वारा नियुक्त किसी जत्थेदार की दोबारा दस्तार बंदी की गई है और संगत से उन्हें स्वीकार करने का अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन


इस अवसर पर उपरोक्त बाबा बलवीर सिंह दल प्रमुख बाबा बूडा दल 96 करोड़ी,बाबा अवतार सिंह,बाबा जोगा सिंह तरना दल प्रमुख,बाबा मेजर सिंह सोढ़ी दशमेश तरना दल,रंजीत सिंह पूर्व जत्थेदार तख्त श्री पटना साहिब,संत कर्मजीत सिंह यमुनानगर वाले,बाबा सतनाम सिंह कार सेवा किला श्री आनंदगढ़ साहिब,गुरचरण सिंह ग्रेवाल के अलावा बड़ी संख्या में सिक्ख संप्रदायों से जुड़े हुए प्रमुख गणमान्य उपस्थित थे
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें