हरियाणा के तीन जिलों के ढाई हजार से ज्यादा अपराधी पड़ोसी राज्यों में छिपे बैठे हैं। उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस से जानकारी सांझा करके सहयोग मांगा गया है। अंबाला पुलिस रेंज के अधीन अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिले के ढाई हजार से अधिक अपराधी ऐसे हैं, जो पड़ोसी राज्यों में छिपे बैठे हैं।
ऐसे अपराधियों की धरपकड़ के लिए अंबाला रेंज पुलिस ने चुनाव से पहले कवायद शुरू कर दी है। वीरवार को अंबाला रेंज मुख्यालय में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें एडीजीपी आरसी मिश्र के अलावा चुनाव ऑब्जर्वर डीआईजी असम मैनुल इस्लाम मोंडल मौजूद रहे।
इस दौरान मोस्ट वांटेड अपराधियों से लेकर बेल जंपर, पैरोल जंपर एवं उद्धघोषित अपराधियों को पकड़ने पर जोर दिया गया। अंबाला रेंज की बात करें तो सबसे ज्यादा अपराधी इस समय यमुनानगर जिले से हैं। यमुनानगर के साथ उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की सीमा लगती है। इसी का फायदा उठाते हुए अपराधी प्रदेश से फरार होकर अन्य प्रदेशों में शरण ले लेते हैं।
यमुनानगर से 1146 मोस्ट वांटेड, बेल जंपर एवं अन्य अपराधी हैं, जिनकी पुलिस को तलाश है। इसी तरह अंबाला के 899 और कुरुक्षेत्र से 542 मोस्टवांटेड, बेल जंपर एवं अन्य अपराधी हैं। यानी कुल 2587 अपराधी हैं और चुनाव से पहले इन अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
तीन जिलों में उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा अपराधी
अंबाला, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा के पास ही लगते हैं। यही वजह है कि तीनों जिलों में उत्तर प्रदेश के अपराधियों की संख्या सर्वाधिक है। कुल 1646 ऐसे अपराधी हैं, जो इस समय फरार हैं। इनमें से अकेले 670 अपराधी प्रदेश की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से हैं।
पंजाब में कुल 791 अपराधी पंजाब के हैं, जिनमें से प्रदेश की सीमा से सटे पटियाला के 137 अपराधी हैं, जबकि 29 मोहाली जिले से हैं। इसी तरह मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले कुल 100 अपराधी हैं जबकि चंडीगढ़ निवासी 51 अपराधी हैं, जो अलग-अलग मामलों में फरार हैं।
इंटर स्टेट क्राइम मीटिंग में अपराधियों की धरपकड़ के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया है। चुनाव से पहले कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया है।
- आरसी मिश्र, एडीजीपी, अंबाला रेंज