हरियाणा कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग का पार्टी हाईकमान ने कड़ा संज्ञान लिया है। शीर्ष नेतृत्व के सख्त रुख के बाद प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के तेवर नरम पड़ गए हैं। उन्होंने विधायक व पूर्व सीएलपी किरण चौधरी के साथ मतभेद खत्म होने का दावा किया है। उदयभान ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
प्रदेशाध्यक्ष नई दिल्ली में बोले कि उन्होंने किरण चौधरी की हैसियत कभी नहीं पूछी। केवल यह पूछा था कि किस हैसियत से आदमपुर में चुनाव प्रचार के लिए बुलाते। किरण हमारी वरिष्ठ नेता हैं, उनका पूरा सम्मान करते हैं। सारी बातें खत्म हो चुकी हैं, कोई बात रही होगी तो आपस में बैठकर सुलझा लेंगे। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं। भाजपा के भी अनेक नेता चुनाव प्रचार में नहीं आए।
आदमपुर उपचुनाव और अन्य चीजें हमारा आंतरिक मामला है। इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है। किरण और मैंने क्या कहा, इस पर सारी बात हो चुकी है, अब हमारे बीच कोई मसला नहीं है। किसी का कोई मतभेद है तो पार्टी प्लेटफार्म पर बात रखें, मीडिया में ना जाएं। पार्टी नेताओं के बीच मतभेद हो सकते हैं, सबको अपनी बात कहने का हक है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हार मेरी नाकामी नहीं थी, तब मुझे प्रदेशाध्यक्ष बने महीना ही हुआ था।
याद रहे कि आदमपुर उपचुनाव के नतीजे के बाद उदयभान और विधायक किरण चौधरी के बीच तल्खियां बढ़ी थीं। उपचुनाव में किरण स्टार प्रचारक होने के बावजूद प्रचार करने नहीं पहुंची। उनके साथ अनेक अन्य नेताओं ने भी दूरी बनाए रखी। कांग्रेस प्रत्याशी जेपी को उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद गुटबाजी और तेज हुई, उदयभान व किरण के बीच खूब शब्दवाण चले। इससे पहले कि अंतर्कलह और तेज होती हाईकमान ने दखल देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को पूरा मसला सुलझाने का निर्देश दिया।