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Haryana: सेक्टरों में स्टिल्ट +4 मंजिला के निर्माण की सिफारिश, कमेटी ने कई शर्तों के साथ निर्माण को मंजूरी दी

Sun, 02 Jul 2023 09:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

कमेटी के मुताबिक स्टिल्ट प्लस चार मंजिला को सिर्फ पारिवारिक आवास तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। कमेटी ने कई शर्तों के साथ निर्माण को मंजूरी दी है। सरकार को  रिपोर्ट सौंपी गई है।
 
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विस्तार
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हरियाणा सरकार की तरफ से गठित कमेटी ने कई शर्तों के साथ नए सेक्टरों में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला के निर्माण की सिफारिश की है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि जिन सेक्टरों का बुनियादी ढांचा प्रति प्लॉट 18 व्यक्तियों के लिए घनत्व को पूरा करता हो, वहां पर इसकी मंजूरी दी जानी चाहिए।

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स्टिल्ट प्लस चार मंजिला को सिर्फ पारिवारिक आवास तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। छात्रावासों और अस्पतालों के लिए इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। प्राइवेसी व धूप सुनिश्चित करने के लिए चार मंजिला की ऊंचाई 16.5 मीटर से घटाकर 15 मीटर करने का भी सुझाव दिया गया है।

समिति ने मौजूदा सेक्टरों में भी स्टिल्ट प्लस चार मंजिला के निर्माण में सिफारिशें दी हैं। समिति के अनुसार, जिन सेक्टरों की सड़कें 12 मीटर चौड़ी और बुनियादी ढांचा बढ़ाने की गुंजाइश हो, वहां निर्माण की अनुमति दी जा सकती है। जिन सेक्टरों में निर्माण रोक दिया गया था, उसके लिए समिति ने पानी की निकासी, पानी की आपूर्ति व अन्य बुनियादे ढांचे की क्षमता का ऑडिट कराने का सुझाव दिया है।
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ऑडिट रिपोर्ट सत्यापित होने के बाद मौजूदा क्षेत्रों में ऐसी मंजूरी देने के लिए उपायुक्तों को अधिकृत किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्टिल्ट प्लस चार मंजिला एक स्वतंत्र इमारत होनी चाहिए। इसका भार पड़ोसियों की दीवार पर भार नहीं होना चाहिए। समिति ने स्टिल्ट पार्किंग के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्विक एक्शन टीम बनाने का भी सुझाव दिया है।

रिपोर्ट की सिफारिशों के बाद कुछ रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) विरोध में आ गई हैं। उनका कहना है कि उनकी आपत्तियों का ध्यान नहीं रखा गया। फिलहाल इस कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है। सरकार को ही इस पर अंतिम फैसला लेना है।

दीवारों के नुकसान पर प्लॉट मालिक से हो वसूली
रिपोर्ट के मुताबिक स्टिल्ट प्लस चार मंजिला के निर्माण से यदि पड़ोसी के मकानों को नुकसान पहुंचता है तो उसके लिए जिम्मेदार प्लॉट मालिकों से इसकी वसूली की जाए। यह राशि पीड़ित प्लॉट मालिकों को दी जानी चाहिए।

चार महीने में सैकड़ों लोगों की ली गई राय
पूर्व आईएएस राघवेंद्र राव के नेतृत्व में एक विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने चार महीने में पूरे प्रदेश के सैकड़ों लोगों से बातचीत की। कई एसोसिएशनों की राय भी ली गई। कमेटी ने इस संबंध में पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद व हिसार में जाकर लोगों के साथ मीटिंग की थी।

अब तक जो सुनने में आ रहा है, उसके अनुसार भी रिपोर्ट में कई खामियां हैं। अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी। उसके बाद संगठनों के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई के लिए फैसला लिया जाएगा। प्राथमिक तौर पर रिपोर्ट लोगों को संतुष्ट करने वाली नजर नहीं आ रही है। - जनरल वीपी मलिक, पूर्व थल सेनाध्यक्ष

ये जताई आपत्तियां
- 12 मीटर चौड़ी सड़क पर निर्माण की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। इससे सामने बने मकान में रहने वाले लोगों की निजता प्रभावित होगी।=
- मकान की ऊंचाई को 15 मीटर तक किया जाना गलत है। उसे ढाई मंजिल तक ही रखा जाना चाहिए।

स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन नेशनल बिल्डिंग कोड का उल्लंघन है। इसको किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अभी कमेटी की रिपोर्ट की कॉपी हमें नहीं दी गई है। रिपोर्ट की पूरी समीक्षा के बाद 10 जुलाई को पंचकूला में प्रेसवार्ता की जाएगी। - यशवीर मलिक, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा स्टेट सेक्टर्स कन्फेडेरेशन

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