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Chandigarh News: अर्श के पार देखना है मुझे, मेरी आंखों पे उंगलियां रख दे...

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चंडीगढ़। अर्श के पार देखना है मुझे, मेरी आंखों पे उंगलियां रख दे... फहमी बदायूंनी ने जैसी ही अपनी रचना पेश की सेक्टर- 10 के गवर्नमेंट म्यूजियम का सभागार तालियों से गूंज उठा। मौका था इबारत लेखक कला मंच चंडीगढ़ और प्रशासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से शनिवार को ऑल इंडिया मुशायरा के आयोजन का। कला मंच के अध्यक्ष नवीन नीर ने बताया कि यह आयोजन सावन की फुहार थीम पर हुआ। इसमें शायरों और कवियों ने रचनाएं पेश कीं।
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अमजद खान अमजद ने हमारी ये खता है हम सभी से दिल से मिलते हैं, जमाने की तरह हमसे अदाकारी नहीं होती... सुनाकर वाहवाही लूटी। नवीन नीर ने मुझको बहरा ही कर के छोड़ेंगे उफ ये खामोश रहने वाले लोग... सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। मधु गुप्ता ने सुना है के वो मुख्तसर बोलते हैं, सो हम भी बहुत सोच कर बोलते हैं... प्रस्तुत कर समा बांध दिया। कय्यूम बिस्मिल ने यार मैं तो एक भूली सी कहानी हो गया पर... खूब वाहवाही लूटी। शम्स तबरेजी ने जब भी वो शाने पे सर रख के मेरे सोता है, दिल कहीं और दिमाग कहीं और होता है... सुनाकर सभी का दिल जीत लिया।
उर्मिला कौशिक सखी ने वो मेरी रूह में बसता है, बस इतना फसाना है, मैं उसकी तो हो जाउं, पर मेरे आगे जमाना है.. सुनाकर महफिल जमा दी। सुशील हसरत नरेलवी ने मैं कहूं कैसे कि वह अच्छा बहुत है, यह मगर सच है कि वह सच्चा बहुत है... सुनाया। डॉ. इफ्तिखार सागर के अलावा कई अन्य कवियों और शायरों ने रचनाएं पेश कर सबका दिल जीत लिया।
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