पिछली सरकार और वर्तमान सरकार के छह माह के कार्यकाल में जो तकनीक हरियाणा ने तैयार की है, वहीं संकट के समय में कोरोना से निपटने में सबसे ज्यादा सहयोगी साबित हुई है। इसलिए अब आगे के लिए जीवन पद्धति बदलने का समय आ गया है, जिसमें तकनीक ही सहारा बनेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल हरियाणा की तर्ज पर चल कर हमने कोरोना के खिलाफ जंग में अपना अहम स्थान बनाया है।
आज मंडियों में किसानों की फसल की खरीद डिजिटल माध्यम से हो रही है। मेरी फसल मेरा ब्योरा इस बात का उदाहरण है। सरकार के पास एक-एक व्यक्ति का डाटा था। जिससे यह पता करके कि किसे क्या आवश्यकता है। एक-एक व्यक्ति तक 16 लाख 20 हजार की सहायता राशि पहुंचाई गई। इसमें (घोस्ट बेनीफीशियरी) फर्जी आवेदक सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए। सरकार ने पात्र व्यक्तियों के ऊपर ही करीब 619 करोड़ खर्च किए।
डिजिटलाइजेशन के माध्यम से हमने जन विरतण प्रणाली को आगे बढ़ाया। जिसका लाभ अभी देखने को मिलता है। कोरोना के समय में ई पास जारी किए गए यह सब डिजिटलाइजेशन के माध्यम से ही संभव हो रहा है। जिन उद्योगों को खोलने की अनुमति दी जा रही है। उसकी प्रक्रिया भी डिजिटलाइज कर दी गई है। सरकार की ओर से हजारों काल करके लोगों से पूछा गया है कि किसे क्या तकलीफ है और उसकी तकलीफ का समाधान किया गया है।