Haryana CM Manohar Lal & Yashpal Malik
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हरियाणा में आरक्षण पाने के लिए संघर्षरत जाट नेता और सरकार एक बार फिर आमने-सामने है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जाटों को आरक्षण देने के लिए दोबारा सर्वे करने की जिम्मेवारी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को सौंपने के बाद जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के कड़े तेवरों पर सीएम मनोहर लाल ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
रविवार को झज्जर में भाईचारा रैली कर मलिक गुट ने शक्ति प्रदर्शन किया था। इसमें जाट समुदाय के निशाने पर सरकार रही और विभिन्न मांगों को अब तक पूरा न करने के लिए जाट नेताओं ने एक-एक हमला बोला। जाट आंदोलन के दौरान हुए समझौतों को सिरे न चढ़ाने पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया। जाट समुदाय चाहता है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग जल्दी सर्वे कर आरक्षण का निर्णय लेकर हाईकोर्ट को अवगत कराए और सरकार इसमें सहयोग करे। ताकि पूर्व में दिए गए आरक्षण पर लगी रोक हट सके।
जाट नेताओं की जल्दबाजी से फिलहाल सरकार इत्तफाक नहीं रख रही, सीएम ने यह कहकर पूरे मामले से किनारा कर लिया है कि पिछड़ा वर्ग आयोग स्वायत संस्था है और सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार और जाटों में एक बार फिर टकराव हो सकता है। चूंकि, जाट समुदाय आरक्षण पाने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार है, हालांकि मलिक कह चुके हैं कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और आने वाले दिनों में होने वाले सम्मेलनों में भारी भीड़ जुटाई जाएगी।