डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा होने के बाद अब हरियाणा सरकार सिरसा में मौजूद उनके किले (डेरा मुख्यालय) को भेदने की तैयारी कर रही है। हालांकि हरियाणा सरकार इस मामले में कुछ भी अपने सिर नहीं लेना चाहती, इसलिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर पूरी प्रक्रिया को ज्युडीशियल प्रिव्यू के अधीन करना चाहती है।
जस्टिस एसएस सरों की रिटायरमेंट के कारण अब तीन जजों की फुल बेंच के लिए चीफ जस्टिस नए नामों को मंजूरी देंगे, जिसके बाद यह अर्जी सुनी जाएगी।
हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा कि सरकार को डेरे की जांच के बारे में योजना बताने को कहा गया था। इसी के मद्देनजर सरकार ने इसकी जांच की योजना बनाई है।
यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो, इसलिए अदालत के आदेश और एक न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की जाए। हरियाणा सरकार की ओर से दाखिल अर्जी को लेकर एडवोकेट जनरल बीआर महाजन जस्टिस सूर्यकांत पर आधारित खंडपीठ के समक्ष पहुंचे थे। गौरतलब है कि डेरे को लेकर कई किस्से, कहानियां चर्चा में हैं। इसमें गुफा से लेकर डेरे में हथियार होने की बात कही जाती है।