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सीएम साहब! आप आएं या न आएं, बस चर्चाओं में बने रहें...

Fri, 18 Aug 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोरनी
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Haryana CM Manohar lal Khattar - फोटो : File Photo
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अगस्त के अंतिम सप्ताह में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मोरनी के ठंडोग पंचायत के तहत पड़ने वाले धार गांव में दौरे की चर्चाओं से अटकी कई योजनाओं पर काम शुरू हो गया है। यहां लंबे समय से जुबानी चर्चाओं के सहारे चल रही योजनाओं पर अचानक जोर-शोर काम शुरू हो गया है। इन योजनाओं को पूरा करने व मरम्मत करने के लिए दिन रात काम चलाया जा रहा है।
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यही नहीं कई सरकारी विभागों से कामों कराने के लिए जहां बडे़ अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं ये काम पर बिना शिकायत और सिफारिश हो रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे की चर्चाओं ने सभी विभागों में हड़कंप मचा दिया है। जिससे हर विभाग मुख्यमंत्री के मोरनी आगमन वाले रूट और उस इलाके की सभी समस्याओं पर हर इंतजाम पूरा करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ लगा हुआ है।  बता दें कि मुख्यमंत्री हरियाणा के मोरनी आगमन को लेकर अभी किसी प्रकार के कार्यक्रम की कोई सरकारी सूचना नहीं है। लेकिन न जाने अधिकारियों तक यह बात कैसे लीक हो गई कि सीएम आ रहे हैं। इसी चर्चा के मद्देनजर अधिकारियों फुर्ती देखते हीं बन रही है।

हर्बल फॉरेस्ट की योजना को लगे पंख
विश्व के पहले हर्बल फॉरेस्ट की योजनाओं को जहां एमओयू साइन होने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मोरनी आगमन की चर्चाओं ने इस योजना को नए पंख लगा दिए हैं। योजना को लेकर मोरनी की आठ जगहों पर वन विभाग ने हर्बल प्लांट लगाने काम जोरों से शुरू कर दिया है। योजना में वन विभाग की ओर से मोरनी वन रेंज के तहत पड़ने वाले श्यामू, बड़वां, दारड़ा, मोरनी, गझान, टीपरा, बिदना, भूडी कुल आठ जगहों पर 160 हक्टेयर में आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को रोपने का काम किया जा रहा है।
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इससे अलग रायपुररानी वन रेंज के तहत पड़ने वाले प्लासरा, टिक्कर ताल और पिंजौर वन रेंज के वाले मांधना, मल्लाह सहित अन्य गांवों के जंगलों में भी योजना को लेकर काम चल रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार वन विभाग इस योजना का मुख्यमंत्री से उद्घाटन कराने की फिराक में है। जिसके लिए बाकायदा भूडी, सिल्यों व मांधना गांव के पास जगहों को उद्घाटन के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा चिह्नित भी किया जा चुका है। इस योजना के अलावा शेरला ताल से ठंडोग मुख्य मार्ग को बनाने के अलावा कई अन्य विभाग भी शिकायत के डर से कार्यों को भी विभागों द्वारा पूरा करा रहे हैं। 
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जंगलों में इन पौधों की बहेगी बहार 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल - फोटो : File Photo
जंगलों में इन पौधों की बहेगी बहार 
वन विभाग इन पौधों में मुख्य रूप से अमलताश, बेलपत्तर, पुत्रांनजीवा, नींबू, अर्जुन, जामुन, डेहू, कटहल, हरड़, आंवला, बहेड़ा, लोहकाट, मेंहदी, महुआ, काटबडंगा, इमली सहित अन्य कुल 50 से ज्यादा तरह की जड़ी बूटियों के पौधों को लगाने का काम किया जाना है। जानकारी दे दें कि ये सभी पौधे बीपी, शुगर, महिलाओं में गर्भाश्य की समस्या, पेट गैस व पेट से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में काफी कारगार साबित होते हैं। वहीं इनमें से कुछ पेड़ों का अपना धार्मिक महत्व भी है, जिनकी समय-समय पर पूजा भी की जाती है।  

हर्बल के जंगलों पर सबसे बड़ा खतरा, विभाग बेखबर
मोरनी के जंगलों में मुख्यमंत्री के आगमन पर वन विभाग हर्बल फॉरेस्ट को लेकर हजारों पौधे रोप रहा है। लेकिन हर साल जंगलों में लगने वाली भयंकर आग से बचाने के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में यह योजना रब के हवाले छोड़कर विभाग पल्ला झाड़ रहा है। जो योजना के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस बारे में जब विभाग के पिंजौर वन मंडल अधिकारी पवन शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि समय आने पर जंगलों में लगने वाली आग की रोकथाम के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने पानी की उपलब्धता के बारे में भी गोलमोल जवाब दिया। साथ ही उद्घाटन को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि इसके बारे में विभाग के अधिकारियों को फैसला लेना है।
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