सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसान खेती के उत्पादों को बाजार में लाकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। जिस तरह से अमृतसर का पराठा, गुजरात का फाफड़ा व ढोकला, मद्रास का डोसा मशहूर है। उस तरह ही यहां के किसानों को अपनी खेती से तैयार उत्पादों को बाजार में लाना चाहिए। इसके लिए बाजरा का रोट, खिचड़ी, लड्डू, बिस्किट बाजार में लाए जा सकते है और उनको मशहूर करके बाजार में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
सीएम ने कहा कि हम अपने घर में गाय के दूध की कोई कीमत नहीं समझते लेकिन दिल्ली के बाजार में गाय का दूध 100 रुपये लीटर तक मिलता है। इसलिए अपने उत्पादों को बाजार में लाना होगा, जिससे खेती से आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। सीएम ने यह भी समझाया कि अनुबंध खेती पहले भी होती थी। उन्होंने कहा कि जमीन ठेके पर लेकर खेती करना भी अनुबंध खेती है लेकिन वह छोटे स्तर पर होती है और अब बड़ी कंपनियों को कहा गया है कि वह किसान को ज्यादा पैसे देकर खेती कर सकते है तो करें।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस भी कृषि सुधार के हक में थी और उसके समय में तैयार की गई काफी चीजों को कानूनों में शामिल किया गया है। सीएम ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ने कोई अच्छा काम नहीं किया, बल्कि उसने 1947 से अभी तक कुछ अच्छे काम भी किए है। लेकिन अब पीएम नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को लागू कराया है तो कांग्रेस इसलिए गंदी राजनीति करके विरोध कर रही है कि इसका श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार को चला जाएगा।
आंदोलन में बैठे लोग गलत, इसलिए उस पर कोई ध्यान नहीं देना
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सिंघु बॉर्डर यहां से नजदीक है और वहां आंदोलन चल रहा है। सीएम ने कहा कि कई बार मन में यह बात आती है कि किसान आंदोलन में आखिर कौन सही है और कौन गलत है। इसलिए यह बात साफ तौर पर बात रहे है कि वहां बैठे लोग गलत है और उस पर ध्यान नहीं देना है।