सीएम ने कहा कि हरियाणा में 550 परिवारों को अब तक नागरिकता मिल चुकी है। जबकि, नागरिकता संशोधन कानून पास होने के बाद 1500 लोगों ने नागरिकता लेने के लिए आवेदन किया है। इनमें सिर्फ एक मुस्लिम हैं, बाकि अफगानिस्तान, पाकिस्तान व बंगलादेश से आए अन्य समुदायों के अल्पसंख्यक हैं। ये 1500 लोग फतेहाबाद, फरीदाबाद और रोहतक सहित विभिन्न जिलों में रह रहे हैं।
प्रदेश में रह रहे अहमदिया मुसलमान राष्ट्रवादी हैं, उनका रिकॉर्ड बेहतर है। उन्हें प्रदेश से बाहर नहीं भेजा जाएगा। उन्हें वह मौखिक तौर पर नागरिकता दे रहे हैं। प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के बारे में चर्चा कर लोगों को जागरूक करेंगे।
कानून बनने के बाद विपक्षी दल विशेष कर कांग्रेस भ्रम फैला रही है। हरियाणा के लोग बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और हिंसा से दूर रहे। कांग्रेस की मानसिकता ही भाजपा के अच्छे कामों का विरोध करना बन गई है। वोट बैंक के लालच में कांग्रेस ऐसा कर रही है लेकिन उसकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। जनता ने कांग्रेस को अच्छी तरह से पहचान लिया है। उनका कांग्रेस को सुझाव है कि अगर आंदोलन करना ही है तो पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ करें, चूंकि ये देश अपने यहां अल्पसंख्यकों को बचाने में नाकाम रहे हैं। इससे कांग्रेस को लोगों की सहानुभूति मिल सकती है।
लोगों को बरगलाने से काम नहीं चलेगा: सीएम
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर देश हित में है। लोगों को बरगलाने से काम नहीं चलेगा। विपक्ष पूरी तरह से नागरिकता संशोधन कानून के चक्रव्यूह में फंस चुका है और उससे बाहर नहीं निकल पा रहा। एनपीआर के लिए प्रफार्मा में मांगी गई सभी जानकारी मुहैया कराना जरूरी नहीं है। जिसके पास जितनी जानकारी है, उतनी मुहैया करा सकता है। देश में तीसरी बार एनपीआर अपडेट होने जा रहा है। अब तक देश में 15 बार जनगणना हुई है, जिसमें से आठ बार आजादी से पहले हुई।