बुधवार को फरीदाबाद में इसी तरह की बैठक रखी गई है। उसके बाद 16 जनवरी को हिसार में भी एग्रीकल्चर एण्ड एलाईड सर्विसिज से संबंधित बैठक होगी। विभिन्न औद्योगिक संगठनों और विधायकों के सुझावों को मिलाकर बढ़िया बजट बनाया जाएगा, जो कि समय की आवश्यकता भी है। पंचकूला में भी इस तरह की बैठक आयोजित कर चर्चा की जाएगी।
सीएम मनोहरलाल ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था अच्छी हो। इसके लिए मानक भी अच्छे होने चाहिए। प्रदेश को ऊर्जा दक्षता राज्य बनाने के लिए सरकार ने बहुत ही अच्छा काम किया है। प्रदेश में पावर लाइन लॉस 34 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक लाया गया है। इसे आगे 15 प्रतिशत तक लाया जाएगा। ऐसे औद्योगिक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा, जो राज्य के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देंगे।
प्रदेश सरकार ने युवाओं को दक्ष बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी बनाई है। प्रदेश सरकार अपने खर्च पर सी और डी स्तर के युवाओं को ट्रेनिंग उपलब्ध करवाएगी। औद्योगिक संगठन, सक्षम युवाओं को भी पोर्टल के माध्यम से ले सकते हैं। ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जो भूमि का कम से कम उपयोग करेंगे और पानी का पुन: उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने इस दौरान बैठक में उपस्थित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की और उनसे लिखित में सुझाव भी लिया।
उद्यमियों ने ये रखीं मांगें-
टेक्सटाइल पॉलिसी जल्द लागू हो: खंडेलवाल
सरकार ने अब तक टेक्सटाइल पॉलिसी लागू नहीं की है। उनकी लंबे समय से मांग है कि पॉलिसी जल्द से जल्द लागू की जाए। इसके अलावा बैंकों का रेट ऑफ इंटरेस्ट कम होना चाहिए। ताकि उद्योगों को मदद मिल सके। -विनोद खंडेलवाल, चेयरमैन चैंबर ऑफ कॉमर्स
उद्योगों के लिए बनाए जाए सेक्टर: वर्मा
पानीपत में 18 हजार हैंडलूम की छोटी-छोटी इकाइयां हैं। इसके लिए अलग से सेक्टर विकसित किया जाए। सेक्टरों में उद्योगों के लिए जरूरी सुविधा भी मुहैया कराई जाए। लैब टेस्टिंग सेंटर और प्रदर्शनी केंद्र भी होना चाहिए। -रमेश वर्मा, प्रधान हैंडलूम एक्सपोटर्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन
आग पर काबू पाने के लिए हो फायर हाईड्रोलिक सिस्टम : प्रीतम
दमकल विभाग के पास फायर हाईड्रोलिक सिस्टम नहीं है। जिस कारण उद्योगों में आग लगने के बाद आग पवर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। उद्यमियों का इसमें करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। इसलिए दमकल विभाग के पास फायर हाईड्रोलिक सिस्टम होना चाहिए। -प्रीतम सचदेवा, प्रधान रोटर्स स्पीनर्स एसोसिएशन
जिले में उद्योगों के लिए कॉमन बॉयलर जरूर होना चाहिए। इससे प्रदूषण पर भी अंकुश लगेगा। बाहर से निवेशक आएंगे। उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। चीन की तर्ज पर पानीपत में भी कॉमन बॉयलर होना चाहिए। -भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
एडिशनल सीएलयू जल्द मिले: गुप्ता
सरकार फिलहाल एक एकड़ तक सीएलयू देती है। उद्योगों के विकास के बाद उद्यमियों को अतिरिक्त सीएलयू लेनी होती है। दफ्तरों में महीनों से फाइल पड़ी रहती है। उनको सीएलयू नहीं मिल पाती। उनकी मांग है कि जल्द एडिशनल सीएलयू मिले। -नरेश गुप्ता, प्रधान बापौली रोड इंडस्ट्रीय एसोसिएशन
मीटिंग बहुत सकारात्मक हुई : अग्रवाल
मीटिंग बहुत सकारात्मक हुई है। उन्होंने उद्योगों को लीज पर भूमि देने की मांग की है। बिजली की दरें भी कम हो। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। -श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान सेक्टर 29 पार्ट इंडस्ट्रीय एरिया एसोसिएशन
सीएम ने उद्यमियों ने बिजली चोरी न करने की अपील की
सीएम मनोहर लाल से उद्यमियों ने बिजली की दरें कम करने की मांग की तो सीएम ने उद्यमियों को बिजली चोरी ना करने की सलाह दे डाली। सीएम ने कहा कि थर्मल के अधिकारियों को बिजली चोरी करने पर जुर्माना भरना पड़ा है। इसलिए बिजली चोरी ना करें।
सीएम ने उद्यमियों की कॉमन बॉयलर की मांग पर उद्यमियों का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कॉमन बॉयलर के लिए कई एजेंसियों से बातचीत चल रही है। जल्द उद्यमियों को इसी सौगात मिलेगी।
वित्त किसी भी केंद्र का मूल टूल है: प्रसाद
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्री बजट कंसलटेशन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वित्त किसी भी केंद्र का मेन टूल है। अर्थव्यवस्था में हरियाणा राज्य का अभूतपूर्व योगदान है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के बाद यह योगदान और बढ़ेगा। केएमपी बनने से एयरपोर्ट के लिए नया लिंक बना है। दिल्ली, मुंबई और कांधला तक नया हाईवे तैयार किया जा रहा है। इनसे अर्थ-व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आखिर क्यों करनी पड़ी सीएम को उद्यमियों के साथ मीटिंग: तीन कारण
- बीजेपी सरकार से प्रदेश भर के उद्यमी नाराज ही रहे हैं। एनजीटी का उद्योगों पर खूब डंडा चला है। 20 दिन तक उद्योग बंद रहे। उद्यमी सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते रहे। उद्यमियों को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए सीएम ने पानीपत, हिसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद के उद्यमियों से मीटिंग करने की योजना बनाई।
- विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। बीजेपी महज 41 सीटों पर सिमट गई। इस कारण भी किसानों और उद्यमियों की सरकार से नाराजगी बताई गई।
- सरकार ने पिछले पांच साल में प्रदेश में कोई बड़ा निवेश नहीं लेकर आ सकी है। इसके लिए सरकार की पॉलिसी को जिम्मेदार माना गया। बायर भी यहां आने से बचने लगे। अर्थव्यवस्था को गड़बड़ाता देख सरकार को उद्यमियों के साथ मीटिंग करनी पड़ी।