एक साल तक लगातार बिजली बिल अदा करने पर सरचार्ज खत्म हो जाएगा। न्यायालयों में चल रहे बिल विवाद वापस लेने पर भी उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। अब से शहरी क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी के अनुसार किया जाएगा।
शहरी स्थानीय निकायों के पास पैसे की कमी के कारण यह निर्णय लिया गया है। शहरों में जनता की मांगों के अनुरूप शहरी स्थानीय निकाय विभाग 506 किलोमीटर सड़कें का निर्माण और मरम्मत कार्य करेगा। इस पर 141 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आगामी 15 दिनों में प्रस्तावित सड़कों का टेंडर जारी करना होगा।
कृषि विपणन बोर्ड बनाएगा 313 सड़कें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड प्रदेश में लगभग 850 किलोमीटर लंबाई की 313 सड़कें बनाएगा। इस पर सवा 425 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नई सड़कें डब्ल्यूबीएम के स्थान पर ब्लैक टॉप तकनीक से बनाई जाएंगी। इन सड़कों पर पानी नहीं भरेगा और यातायात भी सुगम होगा। ये सड़कें अधिक मजबूत होंगी।
ये सड़कें मार्केट फीस से अर्जित आय से बनाई जाती हैं। पिछले कुछ समय से मार्केट फीस से होने वाली आय में कमी आई है, इसलिए सड़कों के निर्माण के लिए एचआरडीएफ फंड से बिना ब्याज के 150 करोड़ रुपये विपणन बोर्ड को देंगे। 31 मार्च 2024 तक मंडियों तक जाने वाली सभी सड़कें बन जाएंगी। नई सड़कें बनने के बाद जिला परिषद को इनके रखरखाव का कार्य सौंप दिया जाएगा।
90 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगी 2750 किलोमीटर सड़कें
90 विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए विधायकों से मांग और सुझाव लिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग आगामी डेढ़ साल में कुल 2750 किलोमीटर सड़कें बनाएगा। इस पर लगभग 1600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 112 किलोमीटर सड़कें बना रहा है। इनका टेंडर हो चुका है। इनके निर्माण पर लगभग 30 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण में 197 किलोमीटर सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है, इन पर लगभग 402 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
हर छह महीने में होगा सड़कों का प्रमाणीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा की हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम की 24 औद्योगिक संपदाएं हैं। इनमें 273 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत का कार्य का ठेकेदार कर रहे हैं। ठेकेदार के कई बार काम में देरी करने पर मरम्मत कार्य समय पर पूरा नहीं होता, इसलिए डिफेक्ट लायबिलिटीज की निगरानी की जाएगी। हर छह महीने में प्रमाणीकरण कराकर सड़कों की हालत की जानकारी लेंगे। ठेकेदारों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे निर्धारित समय में कार्य को पूरा करें। 168 किलोमीटर लंबी सड़कें लोक निर्माण विभाग बनाएगा, जिन पर 69 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।