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सीएम मनोहर लाल ने दी वाटरशेड प्रबंधन की 13 परियोजनाओं को मंजूरी, छह जिलों में होंगी स्थापित

Wed, 05 Feb 2020 09:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वाटरशेड प्रबंधन की 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, अंबाला और यमुनानगर में एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम (आईडब्ल्यूएमपी) के तहत परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। 71.13 करोड़ रुपये की लागत से 76 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इन 13 परियोजनाओं को अगले सात वर्षों में धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परियोजना क्षेत्रों में मिट्टी, जल एवं वनस्पति क्षेत्र जैसे प्राकृतिक संसाधनों के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करना है।

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भिवानी जिले में तीन एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत कुल 14 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इनमें लोहारू और बहल खंड में बड़दू मुगल, बड़दू धीरजा, भूडेढ़ा, बिदनोई, लाडवा, बैरान, ढाणी लछमन, सोरडा जादिद, सोरडा कादिम, नांगल-गरनपुरा, ढाणा जोगी, सेहर, बराहलू तथा दमकौरा क्षेत्र शामिल है। दादरी-टू में दुधवा, दातौली, दाढी छिल्लर, चिडिया, नोसवा तथा अबीदपुरा में 4 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। 

इन पर लगभग 15.95 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। महेंद्रगढ़ जिले में दो एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत कुल 20 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित होंगे। इनमें कनीना खंड में खरकड़ा, सेहलंग, पोटा, कोका, झाडली, चितरौली, धनौदा, कैमला, काकरोला, चेलावास व तलवाना शामिल है। नारनौल खंड में धरसोन तथा निवाज नगर, हाजीपुर व बास किराडोद, माई, आजमनगर व हुदिना व फैजाबाद, रामपुरा, लहरोडा एवं सिलारपूर मेहता, अबदुल नगर, मंडलाना, महरमपुर तथा बोपरली में नौ सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर 10.73 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी।

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यमुनानगर जिले में दो एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत कुल 14 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इनमें से 7 सूक्ष्म वाटरशेड दारपुर, दारपुर फॉरेस्ट, जट्टांवाला, जट्टांवाला और बनियावाला, चौरपुर मंगल सिंह, नाथनपुर एवं शहजादवाला फॉरेस्ट, सहाबुद्दीन पुर खुर्द एवं काला बचोन, शहजादवाला और मगेवाला, मुकरमपुर, दौलतपुर, मोहबलीवाला, चिक्कन एवं  चिक्कन फॉरेस्ट, कासंली एवं कासंली फॉरेस्ट में और 7 सूक्ष्म वाटरशेड खिल्लांवाला, भागपत, भागपत फॉरेस्ट, भांगरा और भांगरी, खिल्लांवाला फॉरेस्ट, मुजफत कला, थिमियो, करकौली बहलोलपुर, टिब्बी आर्या, हाफिजपुर और हाफिजी में स्थापित करेंगे। इन पर 8.91 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी।

हिसार जिले में तीन एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत आठ सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। सहरवा, तलवंडी रुक्का, तलवंडी बादशाहपुर में तीन सूक्ष्म वाटरशेड, मोहब्बतपुर, मोदा खेड़ा, सिसवाल (धाणी मालियां) में तीन सूक्ष्म वाटरशेड और मात्तरशाम, न्यौलीकलां, शाहपुर, मिग्नी खेड़ा, जाखोद-खेड़ा, मालापुर, न्यौली खुर्द और काजलां में दो सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित होंगे। 

इन पर 17.39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। रेवाड़ी जिले में दो एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत 14 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इनमें जांट सैरावास, भुरथल जाट, गंगायाचाजट, बुडाना, बुडानी, तुर्कियावास फादनी, भगवानपुर, दरोली, डोखिया एवं जांट में सात व बलधान कलां, दारौली, बलधान खुर्द, गुडियानी, नांगल तथानी, परखोत्तमपुर, मुसेपुर एवं मुबारकपुर में सात सूक्ष्म वाटरशेड शामिल हैं। इन पर 12.10 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी। अंबाला जिले में एक एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत पनिलासा, डेहर, गदौली, बडहेड़ी, नगला एवं थारवा में छह सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इन पर 6.06 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
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