यमुनानगर जिले में दो एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत कुल 14 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इनमें से 7 सूक्ष्म वाटरशेड दारपुर, दारपुर फॉरेस्ट, जट्टांवाला, जट्टांवाला और बनियावाला, चौरपुर मंगल सिंह, नाथनपुर एवं शहजादवाला फॉरेस्ट, सहाबुद्दीन पुर खुर्द एवं काला बचोन, शहजादवाला और मगेवाला, मुकरमपुर, दौलतपुर, मोहबलीवाला, चिक्कन एवं चिक्कन फॉरेस्ट, कासंली एवं कासंली फॉरेस्ट में और 7 सूक्ष्म वाटरशेड खिल्लांवाला, भागपत, भागपत फॉरेस्ट, भांगरा और भांगरी, खिल्लांवाला फॉरेस्ट, मुजफत कला, थिमियो, करकौली बहलोलपुर, टिब्बी आर्या, हाफिजपुर और हाफिजी में स्थापित करेंगे। इन पर 8.91 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी।
हिसार जिले में तीन एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत आठ सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। सहरवा, तलवंडी रुक्का, तलवंडी बादशाहपुर में तीन सूक्ष्म वाटरशेड, मोहब्बतपुर, मोदा खेड़ा, सिसवाल (धाणी मालियां) में तीन सूक्ष्म वाटरशेड और मात्तरशाम, न्यौलीकलां, शाहपुर, मिग्नी खेड़ा, जाखोद-खेड़ा, मालापुर, न्यौली खुर्द और काजलां में दो सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित होंगे।
इन पर 17.39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। रेवाड़ी जिले में दो एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत 14 सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इनमें जांट सैरावास, भुरथल जाट, गंगायाचाजट, बुडाना, बुडानी, तुर्कियावास फादनी, भगवानपुर, दरोली, डोखिया एवं जांट में सात व बलधान कलां, दारौली, बलधान खुर्द, गुडियानी, नांगल तथानी, परखोत्तमपुर, मुसेपुर एवं मुबारकपुर में सात सूक्ष्म वाटरशेड शामिल हैं। इन पर 12.10 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी। अंबाला जिले में एक एकीकृत वाटरशेड परियोजनाओं के तहत पनिलासा, डेहर, गदौली, बडहेड़ी, नगला एवं थारवा में छह सूक्ष्म वाटरशेड स्थापित किए जाएंगे। इन पर 6.06 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।