हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
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खुले में शौच जाने पर राशन न देने के फैसले पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने फैसला वापस लेने की बात कही। ये फैसला यमुनानगर प्रशासन ने लिया था।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा खुले में शौच जाने के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाई नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को खुले में शौच न जाने के लिए प्रेरित करना चाहिए...कार्यवाई नहीं। अगर ऐसा फैसला प्रशासन ने लिया है तो उसे वापस करवाया जायेगा।
मुख्यमंत्री हिंसक आंदोलन में कई मामलों की जांच सीबीआई को देने के संकेत देते हुए कहा कि हिंसक आंदोलन के मामलों पर विचार चल रहा और जो भी फैसला होगा जानकारी दी जायेगी।
चंडीगढ़ प्रशासक की जिम्मेवारी रोटेशन के तहत हरियाणा के राज्यपाल को भी देने पर मुख्यमंत्री बोले कि केंद्र के साथ इस पर चर्चा की और मांग की है कि चंडीगढ़ प्रशासक.. राज्यपाल की सिनियोरिटी और रोटेशन में होनी चाहिए। हरियाणा के राज्यपाल को भी चंडीगढ़ प्रशासक बनाना चाहिए ऐसी चंडीगढ़ की मांग भी लेकिन ये बहुत गम्भीर मुद्दा नही है।