हरियाणा में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव कराए जाने की अटकलों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्अर ने विराम लगा दिया है और साथ ही एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने यहां कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष तय समय पर होंगे। सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक न केवल प्रदेश के भौतिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं, बल्कि लोगों की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव भी लाया गया है।
इस दिशा में बहुत कुछ किया है, लेकिन अभी और बहुत करने की आवश्यकता है। हम रुकेंगे नहीं और दूसरे कार्यकाल में और अधिक काम करेंगे। उन्हें पूरा भरोसा है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए केंद्र और हरियाणा में सरकार बनाएगी। आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी का चेहरा कौन होगा, इस पर पार्टी और पार्टी के सदस्य फैसला लेंगे। चुनाव लड़कर उनका उद्देश्य प्रदेश के लोगों की सेवा करना है न कि मुख्यमंत्री बनना।
पिछले चार वर्षों के दौरान उन्होंने अधिकांश समय चंडीगढ़ मुख्यालय पर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने में बिताया और जिलों में लोगों के बीच रहे, जबकि प्रदेश की पिछली सरकारें राजनीतिक लाभ साधने के लिए दिल्ली में डेरा डाले रहती थीं। मनोहर लाल ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मामले में सर्वोच्च न्यायालय से शीघ्र निष्पादन आदेश प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि राज्य नदियों के पानी के अपने वैध हिस्से को प्राप्त कर सके।
पंजाब, हरियाणा को पानी देने में अनावश्यक देरी कर रहा है। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि मामले का निपटान पारस्परिक सहमति से हो जाए। चंडीगढ़ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 1966 से चला आ रहा है, जब हरियाणा, पंजाब से अलग राज्य के रूप में बना था। उन्होंने कहा कि उस समय चंडीगढ़ के मुद्दे का फैसला किया जाना चाहिए था। हरियाणा का चंडीगढ़ पर अपना दावा है और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने एनसीआर-योजना बोर्ड के पैटर्न पर ट्राइसिटी विकास बोर्ड की स्थापना की सिफारिश की है ताकि पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली के नागरिक सुविधाओं की कमी के कारण परेशान न हों। इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष भी ले जाएंगे ताकि इस क्षेत्र में समुचित विकास हो। राज्य में पुलिस व्यवस्था को और सुधारने पर विशेष जोर दिया है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया (टीआरपी) लागू की है। पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी में 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत हो गई है और इसे आगे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।