हरियाणा के लिए अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नामों का ऐलान सोमवार को हो सकता है। संभावना है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कमेटी के सदस्यों के नाम घोषित कर देंगे।
एचएसजीपीसी में 41 सदस्य होंगे। इसमें छह सदस्य सरकार के प्रतिनिधि होंगे। बताया जाता है कि कमेटी के बाकी 35 सदस्यों के नाम तय कर लिए गए हैं जिनकी फाइनल लिस्ट सीएम के ओएसडी के पास पहुंच गई है। इस सूची में वे सभी नाम शामिल हैं जो अलग कमेटी के आंदोलन के दौरान आगे रहे हैं।
फिलहाल कमेटी का कार्यकाल ढाई वर्ष का होगा
हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बैनर तले अलग कमेटी का आंदोलन पिछले 14 वर्षों से चल रहा है। अब हरियाणा सरकार अलग कमेटी का बिल पास कर चुकी है जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।
अलग कमेटी का नाम हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी होगा। फिलहाल कमेटी का कार्यकाल ढाई वर्ष का होगा। कार्यकाल पूरा होने पर पहले की तरह चुनाव होंगे। चुनाव में जिस गुट को बहुमत मिलेगा कमेटी का प्रबंधन वही देखेगा।
बताया जाता है कि 19 जुलाई को कुरुक्षेत्र के डेरा कारसेवा में झींडा ग्रुप की ओर से आयोजित विशेष बैठक में अहम एजेंडा उन 35 सदस्यों के नाम फाइनल करने के लिए था जिन्हें इस कमेटी में तरजीह मिल रही है।
सात लोगों का शिष्टमंडल दिल्ली में सीएम से मिला
हालांकि नाम के प्रक्रिया को जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी ने पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा है। वहीं 18 जुलाई की रात एचएसजीपीसी के नेता झींडा, नलवी, जोगा सिंह सहित सात लोगों का शिष्टमंडल दिल्ली में सीएम से उनके आवास पर मिला था।
मुलाकात में हुड्डा ने सबसे पहले उन 35 नामों की फाइनल लिस्ट मांगी थी जो इस कमेटी में वरिष्ठता के लिहाज से शामिल होंगे। पता चला है कि कमेटी में उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने आंदोलन के दौरान भामाशाह बनकर फाइनेंस किया था।