नए साल के पहले दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक खास संकल्प लेकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस साल भ्रष्ट अधिकारियों से निपटेंगे।
प्रदेश के भ्रष्ट अधिकारियों की सूची मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुकी है। पिछले दिनों विभागाध्यक्षों की बैठक में मुख्यमंत्री ने भ्रष्ट अधिकारियों की सूची एक सप्ताह में मांगी थी।
नए साल से पहले उन्होंने अधिकारियों को ऑफ द रिकार्ड संदेश दे दिया था कि यदि कोई अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त रहा हो तो उसके सामने सुधरने का मौका है। अभी तक जो चलता रहा है, वह अब नहीं चलेगा।
उन्होंने यह बात भी साझा की कि एक अधिकारी ने खुद उनके पास आकर कहा कि वह सरकार की नीतियों से प्रभावित हैं और भ्रष्टाचार से मुक्त होना चाहते हैं। इसके बाद सीएम ने भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम कसने की कवायद तेज कर दी है।
हालांकि, तहसील में रजिस्ट्रियों में पारदर्शिता का दावा कर रही सरकार के सामने अन्य विभागों में पारदर्शिता कायम करने की चुनौती है, लेकिन नए साल में इन चुनौतियों से निपटने का तरीका खोजने के लिए खट्टर ने अपनी टीम मैदान में उतार दी है।
भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों की सूची को उजागर नहीं किया जाएगा। इन अफसरों से कैसे निपटना है, इसका फॉर्मूला तैयार है। भ्रष्ट अधिकारियों को हर कीमत पर सुधरना होगा।
-मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री हरियाणा