हरियाणा में एमबीबीएस की फीस में कई गुना बढ़ोतरी पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि मेडिकल करने के बाद जो व्यक्ति सरकारी सेवा में रहेगा, उसे अधिक फीस का भुगतान नहीं करना होगा। जबकि प्राइवेट नौकरी करने वाले और निजी प्रेक्टिस करने वाले डाक्टरों को बढ़ी हुई फीस का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था प्रदेश में डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए की गई है। मुख्यमंत्री गुरुवार को करनाल में भाजपा के सेक्टर-9 में बनने वाले जिला कार्यालय की आधारशिला रखने पहुंचे थे।
मनोहर लाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट है कि पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर सरकारी नौकरी करें। अभी तक यह होता है कि बहुत से डॉक्टर एमबीबीएस या एमडी करने के बाद हरियाणा में सरकारी नौकरी नहीं करते और प्राइवेट नौकरी में चले जाते हैं। हमने अब यह व्यवस्था की है कि जो भी डॉक्टर प्राइवेट नौकरी में जाएगा, उसे फीस देनी पड़ेगी और जो सरकारी नौकरी में जाएगा, उसे फीस नहीं देनी पड़ेगी। केवल बांड भरना पड़ेगा। मेडिकल की पढ़ाई में हमने ऐसा प्रबंध किया है कि जितने भी लोग यहां आएंगे। उन सभी से काम लेंगे। सभी को सरकारी नौकरी देंगे।
नौकरी नहीं तो ग्रेड के आधार पर खर्च करेंगे वहन
सीएम ने कहा कि यदि हम किसी डॉक्टर को सरकारी नौकरी नहीं दे पा रहे हैं तो उनके कॉलेजों के ग्रेड के आधार पर खर्च सरकार वहन करेगी। ए-श्रेणी के कॉलेज हैं, उनका 90 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। इसी तरह से बी-श्रेणी के कॉलेज का 75 प्रतिशत हम वहन करेंगे।
वर्ल्ड पैरामीटर के आधार पर अभी 13 हजार डॉक्टरों की है जरूरत
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज जो वर्ल्ड लेवल के मापदंड हैं, उनमें एक हजार व्यक्तियों के पीछे एक डॉक्टर होना चाहिए। इस तरह से हमें हरियाणा में 27 हजार डॉक्टर चाहिए। आज हमारे पास सरकारी और प्राइवेट मिलाकर करीब 13 हजार डॉक्टर हैं। मापदंड के आधार पर इतने ही डॉक्टरों की और जरूरत है। इसी हिसाब से हम डॉक्टरों की संख्या बढ़ाएंगे।
बड़ोदा में हमारा जनमत बढ़ा, इसलिए हार कर भी जीते
सीएम ने कहा कि बड़ोदा उप चुनाव में हमारा जनमत बढ़ा है। हालांकि हम सीट हारे हैं लेकिन हर सीट का अपना एक मिजाज होता है, अपना इतिहास होता है। इस सीट को हमने कभी जीता ही नहीं था। पहली बार हमने यहां 50 हजार से ज्यादा वोट लिए, यानी हम यहां आगे बढ़े हैं। इसलिए इसे हम हार कर भी अपनी जीत मानते हैं।
प्रदेश में कार्यालय बनने से पार्टी कार्यों में आएगी तेजी
सीएम ने कहा कि भाजपा के जिला कार्यालयों के बनने से पार्टी के कार्यों में तेजी आएगी। वहीं कार्यकर्ताओं का भी हौसला बढ़ेगा। प्रदेश भर में बन रहे पार्टी के जिला कार्यालयों के निर्माण के लिए हमने समिति भी बनाई है। अभी तक हमारे कार्यालय किसी के घर या मंदिर से चलते थे। मैंने भी करनाल में दो चुनाव लड़े, दोनों बार धर्मशाला कार्यालय रही। उन्होंने कहा कि जब अलग-अलग
पदाधिकारी अपने घर से कार्यालय चलाते हैं, तो कार्यकर्ताओं के मन में कभी कभी भिन्नता की स्थिति आती है। जब पार्टी का कार्यालय बनता है, तो हर छोटा बड़ा कार्यकर्ता इसे अपना कार्यालय या घर समझता है।