एयरफोर्स के रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन सतीश भाटिया का मानना है कि यह भारत का शानदार आक्रामक कदम है और अभी पीआके को पूरी तरह से आतंक मुक्त करते हुए आगामी कार्रवाई जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बालाकोट जैश आतंकियों का एक हब प्वाइंट है। पाकिस्तान से आतंकी पहले यही पहुंचते हैं और फिर आगे विभिन्न अड्डों के लिए रवाना होते हैं।
इसके लिए भारतीय इंटेलीजेंस एजेंसियों का भी अहम रोल है, क्योंकि हर ऑपरेशन की सफलता सटीक खुफिया जानकारी पर ही आधारित होती है। इससे कश्मीर के माहौल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन हां, कश्मीर में असामाजिक तत्वों में जरूर डर का माहौल बनेगा। उन्हें समझ जाना चाहिए कि या तो आतंक का रास्ता छोड़ दें या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
पाक के लिए जरूरी था सख्त संदेश
आर्मी के रिटायर्ड कैप्टन प्रसून कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर जिस तरह के हालात बना रखे हैं, उसके मद्देनजर पाक को इस तरह का सख्त संदेश देना बहुत जरूरी था। उन्होंने बताया कि इस तरह के एक्शन से देश के फौजियों के साथ-साथ सियासी माहौल को उत्साह मिलता है और जनता में भी ये संदेश जाता है कि देश को आतंकी हमलों का सख्त जवाब देना आता है।
भारत कभी युद्ध का पक्षधर नहीं रहा है, लेकिन पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों की वजह से हमेशा भारत को उकसाने का प्रयास करता है। इस घटना के बाद पाकिस्तान अब कुछ न कुछ घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है, लेकिन पाक को ये समझ लेना होगा कि उसे हर हरकतों की अब बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।