चंडीगढ़ में हरियाणा के भावी सीएम का नाम भले ही आज लोगों के सामने आया, लेकिन इसकी स्क्रिप्ट दिल्ली में फाइनल हो चुकी थी। मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर लाल खट्टर का नाम केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही तय कर दिया था।
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केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के सामने किसी की गर्दन न हिले, इसलिए पार्टी ने उन सभी नेताओं से प्रस्ताव का अनुमोदन करवा दिया, जो अब तक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे। इस पद के दावेदार अन्य नेताओं ने सोमवार देर रात तक अपनी जुगत लगाई, लेकिन विधायक दल की बैठक से पहले ही उन्हें पार्टी के फैसले का अंदेशा हो चुका था।
विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक वेंकैया नायडू के पहुंचने के बाद प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने खट्टर के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर बिना किसी आपत्ति के सभी नेताओं ने मुहर लगा दी।
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हालांकि अहीरवाल से चुनाव जीत कर आए राव इंद्रजीत खेमे के विधायकों ने यह बात रखी कि सभी विधायकों से इस संदर्भ में अलग-अलग राय ली जाए, लेकिन उन्हें समझा बुझाकर सहमत कर लिया गया।
बीरेंद्र सिंह नहीं दिखे
विधायक दल की बैठक के मौके पर कृष्णपाल गुर्जर, ओम प्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु, अनिल विज और रामबिलास जैसे मुख्यमंत्री पद के सभी दावेदार मौजूद थे। बस एक राव इंद्रजीत इस पूरे घटनाक्रम में यहां नजर नहीं आए। इस मौके पर बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता भी पहुंची, लेकिन खुद बीरेंद्र सिंह नहीं दिखे।
मुख्यमंत्री के तौर पर खट्टर का नाम चुने जाने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को साथ लेकर चलने की होगी। पार्टी को हरियाणा भाजपा के सभी बड़े नेताओं को मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी देनी होगी, जो सीएम पद के लिए अब तक दावेदारी जता रहे थे।
रामबिलास शर्मा ने रखा प्रस्ताव
हरियाणा भाजपा के सभी दिग्गजों को किनारे कर पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर के नाम पर मुहर लगा दी है। केंद्रीय पर्यवेक्षक वेंकैया नायडू और दिनेश शर्मा की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री पद के लिए खट्टर के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसका अनुमोदन अनिल विज, कैप्टन अभिमन्यु, ओम प्रकाश धनखड़ और उचाना विधायक प्रेमलता ने किया। इसके बाद अन्य विधायकों ने प्रस्ताव पर सहमति जताई।
विधायक दल की बैठक में हरियाणा प्रभारी जगदीश मुखी, सह प्रभारी डॉ. अनिल जैन, केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्ज्जर और सांसद रतनलाल कटारिया, मनोहर लाल खट्टर समेत भाजपा के सभी 47 विधायक मौजूद थे।
विधायक दल का नेता चुने जाते ही खट्टर के समर्थकों ने यूटी गेस्ट हाउस के बाहर आतिशबाजी की और उनका फूलमालाओं से स्वागत किया। नाम की घोषणा होते ही खट्टर राजभवन में राज्यपाल से मिलने के लिए रवाना हो गए। जहां उन्होंने राज्यपाल को सभी विधायकों का हस्ताक्षर किया हुआ शपथ पत्र दिया।
4 निर्दलीय विधायक भी समर्थन में
सरकार के साथ भाजपा के 47 विधायकों के अलावा तीन निर्दलीय और एक बसपा विधायक भी शामिल हुए हैं। इसकी पुष्टि सांसद रतनलाल कटारिया ने की है। उन्होंने बताया कि निर्दलीय विधायकों का लैटर ऑफ सपोर्ट भी शीघ्र आ जाएगा। विधायक दल की बैठक के निर्णय से संसदीय बोर्ड को वेंकैया नायडू और दिनेश शर्मा अवगत करवाएंगे। जहां तक मंत्रिमंडल का सवाल है वह हरियाणा भाजपा के नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद ही फाइनल होगा।
ये विधायक देंगे समर्थन भाजपा सरकार को निर्दलीय विधायकों में पुंडरी से दिनेश कौशिक, पुन्हाना से रहीस खान और समालखा से रविंद्र मछरौली समर्थन देंगे। इसके अलावा पृथला से बसपा विधायक टेकचंद शर्मा भी भाजपा को समर्थन देंगे।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने भाजपा विधायक दल के नेता मनोहर लाल खट्टर को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले खट्टर और भाजपा विधायक दल, हरियाणा के पर्यवेक्षक वेंकैया नायडू एवं डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा व अन्य नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर उन्हें भाजपा विधायक दल के निर्णय से अवगत करवाया।
उन्होंने राज्यपाल को खट्टर को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह-पत्र सौंपा। राज्यपाल ने उनसे विचार-विमर्श कर शपथ ग्रहण की तिथि 26 अक्तूबर को सुबह 11 बजे ताऊ देवीलाल स्टेडियम, सेक्टर-3 पंचकूला निर्धारित की है।