उन्हें हरियाणा सरकार ने घर छोड़ने के लिए कार भेजी है। जिसका खर्च रानी नागर उठाएंगी। उत्तर प्रदेश जाते समय एचआर-03एन-6305 नंबर की एसएक्स फोर मारुति कार करनाल के घरौंडा टोल प्लाजा पर खराब भी हुई। जिसे मैकेनिक की मदद लेकर ठीक करवाना पड़ा। काफी देर तक रानी व उनकी बहन टोल प्लाजा पर खड़ी रहीं।
गाड़ी ठीक होते व खुद का वीडियो रानी ने अपने फेसबुक पर अपलोड किया है। इस्तीफे की जानकारी भी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये ही साझा की। वर्तमान में वह अतिरिक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पद पर कार्यरत थीं। उनके पास अतिरिक्त निदेशक अर्काइव का भी जिम्मा था।
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर बताया था जान को खतरा
अप्रैल में रानी नागर ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर, ट्वीट व फेसबुक पोस्ट के जरिये अपनी व बहन की जान को खतरा बताया था। उन्होंने उसी समय कर्फ्यू हटने पर इस्तीफे व घर जाने की बात कही थी। 30 अप्रैल व 01 मई को भी उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली, जिनमें गाजियाबाद जाने के लिए गाड़ी व पास मुहैया कराने की मांग की थी। साथ ही बताया था कि अभी तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिली है। चंडीगढ़ में वह दिसंबर 2019 से सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 311 में किराए पर रह रही थीं। उनके साथ बहन रीमा नागर भी थी।
रानी नागर ने जून 2018 में पशुपालन विभाग में रहते वरिष्ठ आईएएस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। यह मामला सीएम के पास भी पहुंचा। रानी ने चंडीगढ़ की जिला अदालत में उक्त आईएएस व यूटी के कुछ पुलिस अफसरों पर मामला भी दर्ज कराया हुआ है।
सुरजेवाला ने ट्वीट कर उठाए सवाल
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रानी नागर के इस्तीफे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि अगर सरकारी ड्यूटी पर महिला आईएएस अफसर भी असुरक्षित है, असुरक्षा के चलते उसे पद से इस्तीफा देना पड़ रहा है तो सरकार के मुखिया के नाते सीएम की किया जिम्मेदारी है। 2.5 करोड़ भोली भाली जनता का कौन रखवाला है। क्या मुख्यमंत्री बताएंगे।