मई 2020 में इस्तीफा देने पर चर्चा में आई थीं
नागर इससे पहले मई 2020 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने पर चर्चा में आई थीं। उस समय यह हरियाणा व उत्तर प्रदेश में राजनीतिक मुद्दा भी बना था। उत्तर प्रदेश के नेताओं ने उनका कैडर हरियाणा से बदलकर उत्तर प्रदेश करने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था। बाद में रानी ने इसे वापस ले लिया।
जता चुकी हैं हत्या की आशंका
रानी नागर बीते 24 अप्रैल को अपनी हत्या की आशंका भी जता चुकी हैं। इस संबंध में भी उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि मार्च 2022 के अंत से गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित टू-ए-220 में पिता के घर पर रह रही हैं। किसी ने उनके कमरे में कारतूस, ताबीज और लोहे का सामान रखा है। उनका लिखा था कि वे नाजायज दबाव के आगे नहीं झुक रहीं और यह एक तरह से उन्हें जान से मारने की धमकी है। रानी ने चंडीगढ़ में कुछ अफसरों के खिलाफ जिला अदालत में केस भी किया हुआ है।