हरियाणा सरकार ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 25 हजार नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां हुई कैबिनेट बैठक में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरियाणा फार्मास्युटिकल पॉलिसी-2019 को मंजूरी दे दी गई।
नीति के तहत करनाल में अत्याधुनिक फार्मा पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा समग्र उद्योग, शिक्षा और आरएंडडी पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा विकसित की जाएगी। सरकार हरियाणा को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में केंद्र के रूप में विकसित करना चाह रही है। नीति का मुख्य उद्देश्य फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए निवेशकों के अनुकूल और समयबद्ध निकासी वितरण प्रणाली के साथ सक्षम विनियामक वातावरण प्रदान करना है।
नई इकाइयों के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन निवेश श्रेणी के अनुसार लागू होगा। इसका उल्लेख हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 में है। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 के तहत दिए गए प्रोत्साहनों के अलावा राज्य में फार्मा पार्कों में स्थापित होने वाली सभी नई इकाइयां एक विशेष पैकेज प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगी।
तर्कसंगत दवाओं को मिलेगी मंजूरी
फार्मा उद्योग में नए निवेशकों के लिए विनियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा। सिंगल विंडो पोर्टल के साथ सभी फार्मा क्षेत्र से संबंधित मंजूरी एकीकृत होंगी। (इन्वेस्ट हरियाणा- www.investharyana.in) पूरी तरह से ऑनलाइन और सुव्यवस्थित तरीके से मंजूरी प्रदान करेगा। सरकार उन सभी तर्कसंगत दवाओं को मंजूरी देगी, जिन्हें पड़ोसी राज्य के लाइसेंसिंग अधिकारियों ने अप्रूव किया हुआ है व ड्रग्स अधिनियम की धारा 26-ए के तहत केंद्र सरकार से प्रतिबंधित नहीं हैं।
ये हैं नीति के उद्देश्य
. समग्र फार्मास्युटिकल क्लस्टर विकास पर ध्यान केंद्रित करना
. फार्मा पार्क में स्थापित इकाइयों को वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ प्रदान करना
. समर्पित और सुव्यवस्थित तरीके से राज्य में उद्यमियों का सहयोग करने के लिए गुणवत्ता वाले औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विकास
. फार्मा इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों को रियायती दरों पर भूमि
. एकल खिड़की निकासी तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से मंजूरी