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कैबिनेट मीटिंगः CM खट्टर ने लिए 16 फैसले, किसी को तोहफा किसी को झटका

Fri, 02 Jun 2017 01:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक​
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में 16 अहम फैसले लिए गए। इनसे किसी को तोहफा मिला तो किसी को झटका।
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रोडवेज बसों के किराए का स्लैब बदला
हरियाणा सरकार ने रोडवेज बसों के किराए का स्लैब बदला है। मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर सहमति भी बन गई। न्यूनतम किराया पांच रुपये ही रहेगा, जबकि पांच के बाद दस रुपये के बीच सात रुपये का टिकट भी होगा। इसके साथ ही दस के बाद सीधा 15 रुपये का टिकट नहीं कटेगा।

सरकार ने 12 रुपये का नया स्लैब भी बनाया है। अन्य राज्यों में सात और 12 रुपये का स्लैब फिलहाल नहीं है। सरकार ने यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर यह कदम उठाया है। 15 रुपये से अधिक का किराया पांच के गुणांक में ही वसूला जाएगा।
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अब हरियाणा टू राजस्थान बनेगी एक नई सड़क

हरियाणा कैबिनेट की बैठक​ - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा से राजस्थान को अब एक और सीधे सड़क जाएगी। काफी अरसे से इस सड़क का निर्माण एक छोटे से भूभाग को लेकर अटका पड़ा था, लेकिन वीरवार को कैबिनेट की बैठक में इस अड़चन को न केवल दूर कर लिया गया, बल्कि सीएम मनोहर लाल ने जल्द सड़क निर्माण के निर्देश भी दे दिए।

सरकार ने जिला नूंह में नगीना नोटकी तिजारा से राजस्थान सीमा तक दोनों राज्यों को जोड़ती हुए एक सड़क का निर्माण करवाना था, लेकिन यह प्रस्ताव एक छोटे से भूभाग के अधिग्रहण मामले पर अटका हुआ था। स्थानीय प्रशासन इस अड़चन को दूर करवाने की जद्दोजहद में महीनों से जुटा हुआ था,

लेकिन वीरवार को सीएम की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने इस अड़चन को दूर कर दिया। बैठक में इस 4 कनाल 17 मरले भूभाग को सरकार ने 36,37,500 रुपये में खरीदने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब 19.82 करोड़ से जिला नूंह में नगीना नोटकी तिजारा से राजस्थान सीमा तक सड़क तैयार की जाएगी। इससे राजस्थान तक पहुंचने में लोगों को बहुत फायदा होगा।

 

नरेला से कुंडली तक मेट्रो को हरी झंडी

metro
हरियाणा सरकार ने दिल्ली के नरेला से सोनीपत के कुंडली तक मेट्रो रेल विस्तार को हरी झंडी दे दी है। इससे निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया। इसका काम अप्रैल 2018 में शुरू होकर मार्च 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना की कुल लागत का 80 प्रतिशत हरियाणा व 20 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।

इसके तहत मनोहर सरकार 968 करोड़ 20 लाख रुपये मेट्रो विस्तार को देगी। यह निर्णय वीरवार को यहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। इस रूट पर तीन मेट्रो स्टेशन बनेंगे। पहला नरेला के सेक्टर-5, दूसरा कुंडली और तीसरा नाथूपुर में होगा। तीनों स्टेशन एलिवेटेड होंगे।

कैबिनेट ने राज्य में मेट्रो परियोजनाओं की संशोधित वित्त पोषण पद्धति को भी मंजूरी दी है। संशोधित वित्त पोषण पद्धति के अनुसार हरियाणा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की निष्पादित मेट्रो परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार और उसकी एजेंसियां धनराशि उपलब्ध कराएंगी।

पंचायत-निकाय चुनाव में हमले में मारे जाने पर मिलेंगे बीस लाख

khattar
हरियाणा सरकार पंचायती राज संस्थानों और निकाय चुनावों के दौरान ड्यूटी करते हुए मृत्यु या घायल होने वाले निर्वाचन कर्मियों के परिवारों को मुआवजा देगी। मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई। निर्वाचन ड्यूटी के दौरान मतदान कर्मी की सामान्य मृत्यु के मामले में परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। आतंकवादियों या असामाजिक तत्वों की किसी हिंसात्मक गतिविधियों सड़क पर बारूदी सुरंग में विस्फोट, सशस्त्र हमलों के कारण दुर्भाग्य से हुई मृत्यु के मामले में 20 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।

चुनाव ड्यूटी के दौरान आई चोट के कारण हुई अस्थायी दिव्यांगता पर घायल कर्मचारी को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। बारूदी सुरंग में विस्फोट, सशस्त्र हमलों आदि के कारण हुई स्थायी दिव्यांगता के मामले में 10 लाख रुपये मिलेंगे। इस नीति के तहत चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात व्यक्ति सुरक्षाकर्मी, चालक, क्लीनर जैसे निजी व्यक्ति और अनुबंध या आउटसोर्स स्टाफ भी आएगा।

यह 25 अप्रैल 2014 के केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देशों पर आधारित है। ऐसे मामले में विभिन्न स्रोतों जैसे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री राहत कोष से मिलने वाले मुआवजे की राशि पर अब कोई सीमा नहीं होगी। कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी चुनाव संबंधी ड्यूटी या प्रशिक्षण के लिए रिपोर्ट करने को निवास या कार्यालय छोड़ते ही चुनाव ड्यूटी की अवधि शुरू हो जाएगी।

बिजली बिलों पर 2 प्रतिशत हुआ निकाय टैक्स

बिजली का बिल
हरियाणा सरकार ने बिजली बिलों पर वसूले जाने वाले निकाय टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है। अब तक पांच पैसे प्रति यूनिट की दर से यह टैक्स वसूला जा रहा था, जबकि मंत्रिमंडल की बैठक में वीरवार को हुए निर्णय के बाद अब बिल की कुल राशि का दो प्रतिशत टैक्स वसूला जाएगा।

इस राशि को हरियाणा के बिजली वितरण निगम शहरी स्थानीय निकाय विभाग को सौंपेंगे। सरकार ने यह टैक्स निकायों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने को बढ़ाया है। पांच पैसे प्रति यूनिट तो सरकार उपभोक्ताओं से ही वसूल रही थी, जबकि बिल की कुल राशि पर दो प्रतिशत टैक्स उपभोक्ताओं से वसूलने से सरकार फिलहाल इंकार कर रही है।

बता दें कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग को बिजली निगमों का साढ़े चार सौ करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट के बिलों का बकाया देना है। दो प्रतिशत निकाय टैक्स करने के पीछे इसे भी कारण माना जा रहा है। अगर गुरुग्राम नगर निगम को छोड़ दें तो अधिकांश नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं वित्तीय संकट झेल रही हैं।

बेदी ने बताया कि नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में पांच पैसा प्रति यूनिट से बिजली बिल की राशि का दो प्रतिशत तक करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।

 

हुडा का नाम बदलकर एचएसवीपी रखा गया

हुडा, - फोटो : demo pics
हुडा यानी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का नाम बदलने पर सियासत तेज हो गई है। सरकार ने कैबिनेट बैठक में इसका नाम बदलकर जैसे ही एचएसवीपी किया, सरकार के साथ ही कांग्रेस की तरफ से भी प्रतिक्रिया आने में देर नहीं लगी।

सरकार के मंत्रियों अनिल विज और कृष्ण बेदी ने जहां नाम बदलने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर तंज कसे तो कांग्रेस और इनेलो ने निशाना साधा। खेल मंत्री विज ने कहा कि हुडा का नाम आते ही घोटालों में संलिप्त पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का जिक्र शुरू हो जाता था। सजा या गिरफ्तारी की बात हुड्डा की शुरू होती है तो लोग हुडा भी समझने लगते हैं।

इसलिए नाम बदला गया। बेदी ने कहा कि हुड्डा को भाजपा नहीं, जनता ने खत्म किया है। हुड्डा अगर जांच से नहीं डरते तो उनका मुंह अब उतरा हुआ क्यों है। उधर, कांग्रेस प्रवक्ता रण सिंह मान ने कहा कि हुडा का नाम बदलने से हुड्डा का जिक्र आना बंद नहीं हो जाएगा। हुड्डा ने अपने शासन में जनहितैषी कार्य कर जनता के दिलों पर छाप छोड़ी है।

सामान्य श्रेणी से भरे जाएंगे रिजर्व श्रेणी के पद

डेमो - फोटो : demo pic
हरियाणा के अस्पतालों में डॉक्टरों के खाली पड़े रिजर्व पदों को अब सामान्य श्रेणी से भरा जाएगा। कैबिनेट की मीटिंग में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस पर मुहर लगा दी है। ये रिजर्व पद कई वर्षों से रिक्त पड़े थे।

सरकार की ओर से इन पदों को भरने के लिए कई बार आवेदन आमंत्रित किए गए, लेकिन आवेदकों की उदासीनता के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। डॉक्टरों की कमी झेल रहे सरकारी अस्पतालों में मरीजों को परेशानी होती थी, लेकिन अब सरकार ने इस श्रेणी में फेरबदल कर दिया है।

वीरवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में अनुसूचित जाति और भूतपूर्व सैनिक श्रेणियों में आवेदक उपलब्ध न होने के कारण इन श्रेणियों के लिए नियत किए गए एचसीएमएस डॉक्टरों के 241 पदों को अनारक्षित और आगे कैरी फॉरवर्ड करने व चिकित्सा अधिकारियों के खाली पदों को भरने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

सीएम ने बताया कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी का मुख्य कारण इन श्रेणियों से संबंधित आवेदकों का उपलब्ध न होना भी है। इसके अलावा एक अन्य निर्णय में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग मीडिया विस्तार (ग्रुप-बी) सेवा नियम, 1998 को संशोधित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बचत योजनाओं में धोखाधड़ी करने वालों पर शिकंजा

fraud - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा सरकार ने बचत योजनाएं चलाकर आम आदमी का पैसा मारने वालों पर नकेल कस दी है। अब पोस्ट ऑफिस के नाम पर आरडी चलाने या आपस में कमेटी डालने वालों को भी इसकी जानकारी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को देनी होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल बैठक में हरियाणा वित्तीय स्थापना में जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2013 के नियमों को मंजूरी दी गई।

इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न पोंजी स्कीमों के माध्यम से जमाकर्ताओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है। सरकार ने आम आदमी को ठगने वाले वित्तीय प्रतिष्ठानों के प्रमोटरों के लिए दंड का प्रावधान भी किया है। पैसा लेकर भागने पर संबंधित प्रमोटर की जमीन की कुर्की के आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।

इन नियमों की अधिसूचना की तारीख से प्रदेश में इस तरह का कारोबार शुरू करने या चलाने वाले प्रत्येक वित्तीय प्रतिष्ठान को 15 दिन की अवधि के अंदर फार्म-1 में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट करनी होगी। जो पहले से इस तरह का कारोबार चला रहे हैं, उन्हें 15 दिन की अवधि के अंदर फार्म-1 भरकर जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट करनी होगी। कोई शिकायत आने पर जिला मजिस्ट्रेट एक माह की अवधि के अंदर उसे सरकार को भेजेंगे।

रिफंड फाइलों का होगा त्वरित निपटान

govt office
मंत्रिमंडल बैठक में हरियाणा मूल्यवर्धित कर नियम 2003 के नियम-42 में संशोधन को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे रिफंड फाइलों का त्वरित निपटान और कारोबार करने में आसानी होगी। अब एक आर्डर में 50 लाख रुपये तक के रिफंड के मामले मुख्यालय भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। इन्हें जिला या रेंज स्तर पर स्वीकृति दी जाएगी।

इसके लिए गठित समिति में मुख्यालय पर तैनात विभाग के तीन वरिष्ठतम अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त और सदस्य सचिव के रूप में आयुक्त द्वारा नामित एक अधिकारी शामिल होगा। जिले के संयुक्त आबकारी और कराधान आयुक्त (रेंज) की अध्यक्षता में गठित समिति 25 लाख रुपये से अधिक और 50 लाख रुपये तक के रिफंड की अनुमति दे सकेगी। उप-आबकारी और कराधान आयुक्त (बिक्री कर) की अध्यक्षता में गठित समिति 25 लाख रुपये तक के रिफंड करने की अनुमति देगी।

एकमुश्त निपटान योजनाओं के लिए कानून
सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले विभिन्न अधिनियमों के तहत बकाया राशि की वसूली के लिए आबकारी और कराधान विभाग की एक या इससे अधिक एकमुश्त निपटान योजनाएं शुरू करने के लिए कानून बनाने का निर्णय लिया है। इसका अध्यादेश जारी किया जाएगा। इसके तहत एक अप्रैल, 2017 से पहले की किसी भी अवधि से संबंधित प्रासंगिक अधिनियमों के तहत कर, ब्याज, जुर्माना या किसी भी अन्य देय राशि का भुगतान शामिल होगा। 28 जून से पहले आबकारी एवं कराधान विभाग को सभी रिफंड व रिकवरी पूरी करनी होंगी।

एमए के समकक्ष माने जाएंगे आचार्य

teachers
बैठक में शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के लिए 11 अप्रैल 2012 को अधिसूचित सेवा नियमों-2012 में संशोधन करने के लिए स्वीकृति दी है। संशोधन अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित आचार्य योग्यता को एमए संस्कृत, शास्त्री योग्यता को बीए संस्कृत और शिक्षा शास्त्री और भाषा शिक्षक पाठ्यक्रम (एलटीसी) या ओरियंटल ट्रेनिंग (ओटी) संस्कृत योग्यता को बीएड योग्यता के समकक्ष माना जाएगा। हालांकि पीजीटी संस्कृत और टीजीटी संस्कृत के पद के लिए यह योग्यताएं एमए संस्कृत, बीए संस्कृत तथा बीएड योग्यताओं के समकक्ष मानी जाएंगी।

पीड़ित शिक्षकों को सुविधानुसार मिलेगी नियुक्ति
शिक्षक स्थानांतरण नीति-2016 के क्रियान्वयन के एक वर्ष के अनुभव को मद्देनजर रखते हुए इस नीति को अधिक प्रभावी एवं सरल बनाने के लिए इसमें कुछ संशोधनों या सुधारों को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। नीति में किए गए उल्लेखनीय बदलाव में शत-प्रतिशत नेत्रहीनों, कैंसर पीड़ितों एवं पक्षाघात से ग्रस्त व्यक्ति और शत-प्रतिशत दिव्यांग, व्यक्ति जिनकी बायपास सर्जरी हुई हो और ऐसे व्यक्ति जिनका डायलिसिस हो रहा है, को उनकी सुविधानुसार नियुक्ति करने की छूट देना शामिल है।

शहीद कांस्टेबल के भाई को मिलेगी नौकरी
मंत्रिमंडल की बैठक में शहीद कांस्टेबल मनदीप सिंह के बड़े भाई संजीव कुमार को अनुकंपा आधार पर ग्रुप-सी के पद पर नियुक्त करने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कुरुक्षेत्र जिले के गांव अंथेड़ी निवासी कांस्टेबल मनदीप सिंह 28 अक्तूबर, 2016 को जम्मू-कश्मीर के जिला कुपवाड़ा के मछैल सेक्टर में आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए थे।

जीएमडीए अध्यादेश को मंजूरी

सीएम खट्टर
बैठक में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) अध्यादेश, 2017 को मंजूरी दे दी गई है। अध्यादेश का उद्देश्य जीवन की गुणवत्ता और रोजगार अवसरों का सृजन करके निवासियों के लिए जीवनयापन के उचित मानकों के माध्यम से और एकीकृत एवं समन्वित योजना, अवसंरचना विकास और शहरी सुविधाओं के प्रावधान, मोबिलिटी मैनेजमेंट, शहरी पर्यावरण के स्थायी प्रबंधन और सामाजिक, आथिर्क और औद्योगिक विकास करके गुरुग्राम महानगर क्षेत्र के निरंतर, सतत और संतुलित विकास के लिए एक दृष्टिकोण विकसित करना है।

राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, गुरुग्राम जिले के नियंत्रित क्षेत्रों की सीमाओं के अंदर आने वाले, शहरी विस्तार की क्षमता वाले किसी भी क्षेत्र या सभी स्थानीय प्राधिकरणों जैसे कि नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद सोहना, नगरपालिका पटौदी, फर्रूख नगर, हेली मंडी और गुरुग्राम जिले में किसी भी पंचायत में किसी भी भूमि को आबादी देह घोषित कर सकती है। मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण को सलाह देने और इसकी शक्तियों के इस्तेमाल और इसके कार्यों के प्रदर्शन के संबंध में मार्गदर्शन करने के लिए एक निवासी सलाहकार परिषद होगी।

चहेतों को हेड कांस्टेबल नहीं बना पाएंगे अफसर

हरियाणा पुलिस - फोटो : file photo
हरियाणा सरकार ने पुलिस महकमे में चहेतों को उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर कांस्टेबल से पदोन्नत कर हेड कांस्टेबल बनाने पर नकेल कस दी है। अब वास्तव में ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले कांस्टेबल ही हेड कांस्टेबल बन सकेंगे। सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में अहम निर्णय लेते हुए उत्कृष्ट सेवाओं के दस प्रतिशत कोटे को घटाकर तीन फीसदी कर दिया है। अब हेड कांस्टेबल के 62 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

35 प्रतिशत पदों वरिष्ठता और तीन प्रतिशत को उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर भरा जाएगा। अभी 55 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जा रहे थे, सरकार ने उत्कृष्ट सेवाओं से कम किए गए सात प्रतिशत कोटे को इसमें जोड़कर 62 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए सरकार ने 28 जून 2001 को अधिसूचित पंजाब पुलिस नियम के विनियम 13.7 को संशोधित करने को मंजूरी दे दी है। लोअर स्कूल कोर्स में प्रवेश के लिए सिपाहियों की चयन प्रक्रिया में संशोधन के अनुरूप एक वर्ष में लोअर स्कूल कोर्स में प्रवेश के लिए निर्धारित कुल सीटें तीन श्रेणियों के अनुसार भरी जाएंगी।

62 प्रतिशत सीटें प्रतियोगी परीक्षा, 35 प्रतिशत सीटें वरिष्ठता-सह-फिटनेस के आधार पर और 3 प्रतिशत सीटें सेवा में निरंतर उत्कृष्ट कार्य के आधार पर भरने का निर्णय लिया गया है। उत्कृष्ट सेवाएं अखिल भारतीय पुलिस खेलों तथा ड्यूटी मीट, राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक या रजत पदक प्राप्त करने व सरकारी ड्यूटी के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के आधार पर निर्धारित होंगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उत्कृष्ट सेवाओं के नाम पर हेड कांस्टेबल बनाने में भाई-भतीजावाद की शिकायतें मिलने पर यह कदम उठाया गया है। 
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घाटी के छात्रों को हरियाणा में कट ऑफ पर दस फीसदी छूट

डेमो - फोटो : demo pic
हरियाणा सरकार ने जम्मू-कश्मीर के छात्रों को प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट जम्मू-कश्मीर के छात्रों को राष्ट्र की मुख्य धारा में लाने के लिए दी गई है। न्यूनतम पात्रता की आवश्यकता के अनुसार कट ऑफ प्रतिशत में 10 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर के छात्रों की सीटों में बढ़ोतरी पाठ्यक्रम के अनुसार पांच प्रतिशत तक की जाएगी।

तकनीकी और पेशेवर संस्थानों में मेरिट कोटा के तहत कम से कम एक सीट आरक्षित होगी। इसके अलावा नागरिक प्रमाणपत्र में भी छूट दी गई है। जम्मू-कश्मीर से संबंधित छात्रों के लिए प्रत्येक संस्थान में शिकायत निवारण प्रणाली को भी स्थापित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि राज्य में अब बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए सुधार को चुनौती के रूप में लिया जाएगा।

गुणात्मक शिक्षा देकर रोजगार मुहैया कराना मुख्य उद्देश्य रहेगा। दास ने यह बात केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की उत्तर भारत के आठ राज्यों की स्कूल शिक्षा में नवीनता और बेहतर कार्य को लेकर आयोजित कार्यशाला के दौरान कही। उन्होंने बताया कि ओरिएंटेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अध्यापकों को सही दिशा देने का काम किया जाएगा।
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