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मंत्रिमंडल के सहारे मनोहर लाल ने साधे सियासी समीकरण, पढ़ें-पूरी सोशल इंजीनियरिंग

Fri, 15 Nov 2019 12:50 PM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल में लंबी खींचतान के बाद जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधते हुए मंत्रियों की नई फौज मैदान में उतार दी गई है। सूबे के दस नए मंत्री अब सरकार का काम काज देखेंगे। शाम को सरकार ने मंत्रियों के विभागों का भी बंटवारा कर दिया।

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प्रदेश की साझा सरकार में सभी वर्गो का हित साधते हुए मिला-जुला मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। जिसमें भाजपा के आठ, जजपा के एक और एक निर्दलीय विधायक ने मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। नए मंत्रियों की सूची में नांगल चौधरी से विधायक अभय सिंह यादव का नाम तय था, लेकिन पार्टी की अंदरूनी राजनीति के चलते काट दिया गया।

मंत्रिपद के लिए लाबिंग कर रहे विधायकों की लाबिंग किसी काम नहीं आई। आलाकमान के निर्णय के बाद दबाव बना रहे निर्दलीय विधायकों को भी सरकार साथ कदम ताल मिला कर चलने की सलाह दी गई है। निर्दलीय और जजपा की ओर से मंत्री पद को लेकर हो रही लाबिंग देख सीएम मनोहर लाल ने संतुलन साधते हुए जजपा के एक और एक निर्दलीय विधायक को शपथ दिलवाई। अन्य विधायक अब खाली रह गए दो पदो के लिए आस लगा कर बैठेंगे। इसके अलावा बोर्ड और निगम की चेयरमैनी पर भी निगाह रहेगी।
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नए विस्तार के बाद मनोहर की कैबिनेट में अब चार जाट, दो पंजाबी, दो एससी, एक ब्राह्मण, दो ओबीसी और एक सिख को शामिल हो गए हैं। जिसमें जीटी बेल्ट से लेकर जाटलैंड और अहिरवाल सभी समीकरणों को देखा गया है।

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पंजाबी:
मनोहर लाल
अनिल विज

जाट:
दुष्यंत चौटाला
रणजीत सिंह
कमलेश ढांडा
जयप्रकाश दलाल

एससी:
अनूप धानक
डा. बनवारी लाल

ओबीसी:
कंवरपाल
ओम प्रकाश यादव

ब्राह्मण
मूलचंद शर्मा

सिख:
संदीप सिंह

वैश्य बिरादरी से कोई नाम नहीं

वैश्य बिरादरी को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि दीपक मंगला और डा. कमल गुप्ता का मंत्री बनने का नंबर लग सकता है, लेकिन वैश्य बिरादरी से फिलहाल कोई मंत्री नहीं बना है। सरकार पंचकूला विधायक ज्ञान चंद गुप्ता को स्पीकर का पद दे चुकी है। लिहाजा एक तर्क यह भी है कि एक महत्वपूर्ण पद वैश्य बिरादरी को दिया गया है।

राव इंद्रजीत के चलते कटा अभय यादव का नाम
सबसे ज्यादा नुकसान नांगल चौधरी से विधायक अभय सिंह यादव को हुआ। देर शाम तक मंत्रीपद के लिए उनका नाम तय था, लेकिन अंतिम समय पर उनका नाम सूची से हटवा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक अहिरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत की सहमति पर उनका मंत्रीपद काटा गया है। ऐसे में अभय सिंह यादव कुछ भी कहने से बचते रहे।

टेल तक पानी ले जाने में था अभय का योगदान
नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह यादव सेवानिवृत्त आईएएस हैं। दक्षिण हरियाणा में पानी की समस्या को देखते हुए टेल तक पानी ले जाने में उनका अहम योगदान रहा है। महेंद्रगढ़ जिले में भाजपा की तीन सीटें भी इसी वजह से आईं, लेकिन उनका मंत्री बनना अहिरवाल में एक नए नेता का जन्म लेना साबित होता। लिहाजा उनके नाम पर कैची चलवा दी गई।
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कैप्टन और बराला ने अपने हलके में चलाई

पूर्व सरकार में वित्त मंत्री रहे कैप्टन अभिमन्यु और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला इस बार चुनाव हार गए हैं। दोनों जगह से जजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। कैप्टन के क्षेत्र से रामकुमार गौतम और टोहाना से देवेंद्र बबली जीते हैं। दोनों का नाम मंत्री पद के लिए जजपा की ओर से टॅाप पर था, लेकिन कैप्टन और बराला आलाकमान को यह समझाने में कामयाब रहे कि उनके हारे हुए हल्के में जजपा के मंत्री न बनाए जाएं।

दुष्यंत को दी महकमों के साथ चुनौती
रोजगार और पेंशन बढ़ाने का मैनीफेस्टो लेकर चल रहे दुष्यंत चौटाला को सरकार ने महकमें तो बांट दिए हैं, लेकिन इन महकमों के साथ चुनौती भी दे दी है। रोजगार और पेंशन बढ़ोत्तरी का वादा कर रहे दुष्यंत को रोजगार, इंडस्ट्री, पीडब्लयूडी और राजस्व जैसे महकमें तो दे दिए हैं, लेकिन वित्त विभाग अपने पास रखा है। ऐसे में पेंशन और रोजगार देने में दुष्यंत कितने सफल हो पाएंगे यह कहना मुश्किल है।

ब्रेकफास्ट की टेबल पर दुष्यंत ने सुनाया फरमान
जजपा के सभी विधायक पंचकूला स्थित दुष्यंत की कोठी पर सुबह नाश्ते की मेज पर बैठे थे। ऐेसे में कई विधायकों को अपने नाम की उम्मीद थी, लेकिन दुष्यंत ने यह कह कर सबको चुप करा दिया कि आज सिर्फ एक राज्य मंत्री शपथ लेगा। आगे भी विस्तार होगा, उसमें आगे देखेंगे। सभी को कुछ न कुछ दिया जाएगा।
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