हरियाणा सरकार ने अपनी फिल्म पॉलिसी में बदलाव किया है। हरियाणा फिल्म सेल अब हरियाणा फिल्म प्रमोशन बोर्ड के नाम से जाना जाएगा। हाई पावर कमेटी का नाम गवर्निंग काउंसिल कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। फिल्म नीति के प्रावधान के तहत प्रमोशन बोर्ड के चेयरमैन फिल्म निर्देशक सतीश कौशिक होंगे।
कैबिनेट में यह प्रस्ताव सूचना, जनसंर्पक एवं भाषा विभाग की ओर से लाया गया था, जिसे मंजूरी दे दी गई। फिल्म नीति के अन्य नियम व शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी। गवर्निंग काउंसिल हरियाणा फिल्म नीति के प्रावधानों का क्रियान्वयन करेगी। इसे कार्यकारी समिति का मार्गदर्शन करने के साथ परियोजनाओं के अनुमोदन और धनराशि जारी करने के लिए उपयुक्त अधिकार दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियाणवीं और गैर-हरियाणवीं सिनेमा के विकास और फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल बनाने के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। सितंबर 2016 में हरियाणा फिल्म नीति की घोषणा की गई थी। फिल्म नीति का उद्देश्य हरियाणा में फिल्म उद्योग का विकास करना और सिनेमा के विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है।
प्रदेश में फिल्मों के लिए विद्यमान अपार संभावनाओं का सही ढंग से दोहन करने के लिए प्रमोशन बोर्ड काम करेगा। 17 अक्टूबर 2018 की अधिसूचना के तहत हरियाणा फिल्म नीति लागू की गई है। अधिसूचना के तहत हरियाणा फिल्म नीति के प्रावधानों को लागू करने के लिए हरियाणा फिल्म सेल बनाया गया था।
सेल में सरकारी अधिकारियों, पेशेवरों और फिल्म उद्योग से विशेषज्ञों को मिलाकर एक कार्यकारी समिति और उच्चाधिकार समिति का गठित की गई थी। वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अब सेल को खत्म कर प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। फिल्म नीति में बदलाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर के प्रधान विशेष कार्य अधिकारी नीरज दफ्तुआर व मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने मुंबई जाकर सतीश कौशिक और अन्य फिल्मकारों से विस्तृत बातचीत की। उसके बाद उनके सुझावों को मद्देनजर रखते हुए पॉलिसी में संशोधन किया गया।