हरियाणा सरकार के जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून को बनाने को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही का गुरुवार को अंतिम दिन है और देर रात तक कार्यवाही की सूची में विधेयक का नाम शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में आज (गुरुवार) विधानसभा में यह विधेयक लाया जाएगा या नहीं, इसको लेकर असमंजस है।
गठबंधन सहयोगी उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की आपत्ति के बाद सरकार इस मामले में लगाई गई आपत्तियों का निपटारा करना चाह रही थी। इसके बाद मामला विधि विभाग के पास पहुंच गया है। सरकार इसी बजट सत्र में जबरन धर्मांतरण विरोधी विधेयक लाने की तैयारी कर रही थी।
सरकार की मुख्य सहयोगी जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला इस विधेयक के समर्थन में तो हैं लेकिन उन्होंने ‘लव जिहाद’ शब्द पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वे इस शब्द से सहमत नहीं हैं। इसे मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर इस्तेमाल किया जाता है।
दुष्यंत चौटाला मीडिया में यह भी बयान दे चुके हैं कि हरियाणा को बलपूर्वक कराए जाने वाले धर्मांतरण की जांच के लिए एक कानून मिलेगा और वे इसका समर्थन करते हैं। यदि कोई स्वेच्छा से धर्मांतरण करता है या किसी अन्य धर्म के साथी से विवाह करने के लिए धर्मांतरण करता है तो इस पर कोई रोक नहीं है।
ये विधेयक भी सदन में चर्चा के लिए रखे
पंजाब श्रमिक कल्याण निधि, (हरियाणा संशोधन) विधेयक-2021, हरियाणा आकस्मिकता निधि (संशोधन)विधेयक-2021। सदन में इन विधेयकों को विस्तार से चर्चा के बाद पारित किया जाएगा।