सीएम मनोहर लाल के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हर गांव में व्यायामशाला खुली जरूर लेकिन उसके बाद उनको लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है। देखरेख के अभाव में उनकी हालत खराब हो रही है और वह घूमने के लायक तक नहीं है। किसी जगह से सोलर लाइट चोरी हो गई है तो किसी जगह शौचालय के गेट व टंकी तक तोड़ दी गई है। किसी भी व्यायामशाला में सफाई नहीं हो रही है तो ऐसे में वेलनेस सेंटर खोलना एक सपने की तरह लग रहा है।
सरकार ने बजट में सामान्य बढ़ोतरी की है, जिसमें अधिकतर अफसरों व कर्मियों के वेतन के साथ ही स्टेडियम व कार्यालय के रखरखाव में खर्च हो जाएगा। उसमें इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने के लिए कुछ नहीं है तो खिलाड़ियों के लिए नया ऐसा कुछ नहीं किया गया है, जिससे उनको प्रोत्साहन मिल सके। दैनिक खुराक भत्ता बढ़ाने का फायदा भी तभी होगा, जब खिलाड़ियों को वह समय पर दिया जाए। - कुलदीप मलिक, अंतरराष्ट्रीय कोच
सरकार भले ही बजट में कुछ भी प्रावधान कर दें, लेकिन वह खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ नहीं सोच रही है। इस बजट के अंदर भी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ नहीं दिया गया है। प्रदेश में एक भी शूटिंग रेंज नहीं है और इस कारण शूटरों को दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता है। अन्य खेलों के लिए भी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करे तो उसका फायदा खिलाड़ियों को मिल सकता है और उसे सरकार का बेहतर बजट कहा जाएगा। - अशोक मित्तल, महासचिव हरियाणा राइफल एसोसिएशन