हरियाणा भाजपा ने लंबी जद्दोजहद के बाद अपने संगठन का विस्तार किया है। प्रदेश कार्यकारिणी में कई दिग्गजों को जगह मिली तो कुछ को किनारे कर दिया गया। पूर्व मंत्रियों में दो ही लोगों को कार्यकारिणी में स्थान मिला। इसमें पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन शामिल हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के करीबी संजय भाटिया और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के करीबी जवाहर यादव दोनों को ही संगठन में स्थान नहीं मिल पाया। जवाहर का संगठन में आना तय माना जा रहा था। संजय शर्मा की पत्नी इस बार अंबाला से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं। उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि संजय शर्मा को संगठन में तरजीह मिलेगी। लेकिन दोनों ही नेताओं को संगठन में स्थान नहीं मिल पाया।
नई प्रदेश कार्यकारिणी में चार वर्तमान विधायकों और एक वर्तमान सांसद को जगह मिली है। विधायकों में महिपाल ढांडा, मोहनलाल बडौली, सत्यप्रकाश जरावता और दीपक मंगला का नाम शामिल है। जबकि सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल को भी संगठन में तरजीह दी गई है। धनखड़ का कहना है कि हरियाणा में कद्दावर कार्यकारिणी बनाई गई।
जीटी रोड बेल्ट वालों को तरजीह
भाजपा ने संगठन विस्तार में जीटी रोड बेल्ट वालों को अधिक तरजीह दी है। संगठन में सबसे महत्वपूर्ण पद प्रदेश महामंत्री का माना जाता है। इसके लिए तीनों नाम जीटी रोड बेल्ट से हैं। वेदपाल एडवोकेट करनाल, मोहनलाल बडौली सोनीपत और डॉ. पवन सैनी कुरुक्षेत्र से हैं। यही नहीं भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष राहुल राणा भी कुरुक्षेत्र से ही हैं।
इंतजार करने वाले दरकिनार
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष संतोष यादव को तो पार्टी ने उपाध्यक्ष के पद से नवाज दिया, लेकिन संगठन में स्थान पाने के इंतजार में बैठे कुछ पूर्व मंत्रियों को जगह नहीं मिली। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि संगठन ने दो पूर्व मंत्रियों को ही जिम्मेदारी देने लायक समझा और उन्हें जिम्मेदारी दी है।
हमने कद्दावर नेताओं को संगठन में शामिल किया है। इसमें पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक, पूर्व मंत्री सभी को जोड़ा गया है। मोर्चा के जो अध्यक्ष बनाए हैं वे अपने आप में प्रभावी हैं। -ओम प्रकाश धनखड़, हरियाणा भाजपा अध्यक्ष