नौकरी करने की इच्छुक लड़कियों को बीजेपी सरकार ने बहुत बड़ा तोहफा दिया है। खासकर उन्हें जो नाइट शिफ्ट में काम करना चाहती हैं। दरअसल, हरियाणा में रात की शिफ्ट में भी कारखानों व अन्य औद्योगिक संस्थाओं में काम कर सकेंगी। इसके लिए कारखाना अधिनियम 1948 के तहत कोई भी औद्योगिक इकाई आवेदन कर सकती है।
मगर संबंधित औद्योगिक इकाई को यह सुनिश्चित करना होगा कि उस इकाई में रात की शिफ्ट के दौरान महिलाएं पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी। इसके लिए भी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हरियाणा महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह अच्छा प्रयास है।
श्रम विभाग की इन शर्तों पर मिलेगी अनुमति
कामकाजी महिला
- कार्यस्थल में संभावित यौन उत्पीड़न के कृत्य व घटना होने से रोकने के इंतजाम करने होंगे
- महिलाओं के लिए संस्थान में पूरी तरह सुरक्षित और सहज माहौल उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना होगा
-संस्थान में महिला कर्मियों का यौन शोषण न हो प्रबंधन कमेटी इसके लिए नियम, नियमन व दंड की व्यवस्था करेगी।
- महिलाओं के लिए स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना होगा।
- यदि कोई आपराधिक प्रकरण होता है तो प्रबंधन तुरंत कार्रवाई करेगा, ये भी सुनिश्चित करना होगा
- यदि कोई घटना होती है तो पीड़ित कर्मचारी के अनुरोध पर अपराधी को बदलने या स्थानांतरित करने की यथासंभव व्यवस्था करनी होगी।
- एक शिकायत समिति भी गठित होगी, जिसकी मुखिया महिला होगी और सदस्यों की आधी संख्या भी महिलाओं की होगी।
- इंडस्ट्री में जहां महिलाएं काम कर रही हैं या काम के दौरान उनका आना-जाना हो, उस जगह प्रकाश की बढ़िया व्यवस्था हो
- महिला श्रमिक 10 से कम बैच से कम संख्या में काम नहीं करेंगी।
- गेट पर सिक्योरिटी की व्यवस्था पुख्ता रखनी होगी।
- रात्रि में महिला श्रमिकों के लिए कैंटीन की व्यवस्था भी अलग से करनी होगी
-काम निपटने केबाद प्रबंधन महिला श्रमिकों को उनके घर तक सिक्योरिटी गार्ड व सीसीटीवी कैमरे युक्त वाहन में भेजेंगे।
- कारखाने में समुचित चिकित्सा सुविधा, दूरभाष सुविधा उपलब्ध करवानी होगी।
- जहां महिला आवास की सुविधा है, वहां महिला वार्डन का नियंत्रण होगा