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देश के लिए ‘रोल मॉडल’ बनेगी हरियाणा विधानसभा, किए जाएंगे बदलाव, विधायकों ने कसी कमर

Thu, 23 Jan 2020 10:23 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के दिग्गज नेता - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की छोटी-सी विधानसभा अपनी कार्यप्रणाली के बूते देश में एक ‘रोल मॉडल’ स्थापित करेगी। इसके लिए कई ऐसे बदलाव किए जाएंगे, जिन्हें विधानसभा में सरकार द्वारा अमल में लाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे कुछ बदलावों की झलक बुधवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने विधानसभा में विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन सदन में पेश की।
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इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हरियाणा के सीएम, नेता प्रतिपक्ष व विधायकों के विधानसभा को देश में मिसाल बनाने के संकल्प की सराहना की है। सीएम ने दावा किया कि विधायकों का ये प्रशिक्षण हमारे लक्ष्य को मंजिल तक पहुंचाने में अहम साबित होगा, बशर्ते सभी विधायक दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में मिलकर साथ चलें।

साथ ही नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सदन में भरोसा दिलाया कि इस संकल्प में विपक्ष भी इस लक्ष्य प्राप्ति में सरकार का सहयोगी बनेगा।

पहली बार प्री-बजट पर सदन में होगी चर्चा

देश की सभी विधानमंडलों के लिए खुद को मिसाल साबित करने के लिए हरियाणा सरकार देश में पहली बार सदन में बजट से पहली प्री-बजट पर चर्चा करवाएगी। सीएम मनोहर लाल के अनुसार बजट पेश करने से पहले राज्य सरकार ने प्रदेश में विभिन्न वर्गों के हितधारकों (स्टेक होल्डर्स) के साथ छह बैठक की हैं। जिसमें उनकी राय व सुझाव लिए गए हैं।

इसके बाद अब बजट पेश करने से पहले  प्रदेश सरकार अब बजट के ही कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सदन में चर्चा करवाएगी, ताकि  बजट फाइनल करने से पहले विधायकों से भी रायशुमारी के साथ सुझाव ले लिए जाएं। लोस अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कहा कि ऐसी व्यवस्था करने वाला हरियाणा शायद देश का पहला राज्य होगा।

सदन बैठकों की ‘सेंचुरी’ लगाने का टागरेट

मनोहर सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में हरियाणा के इतिहास में सबसे ज्यादा विधानसभा सदनों की बैठकें करने का रिकार्ड कायम कर लिया है। सरकार ने पांच सालों में हरियाणा विधानसभा की सबसे ज्यादा 86 बैठकें की। मगर अब सीएम ने सदन में ऐलान कर दिया है कि सरकार अपनी दूसरी पारी में अपना खुद का रिकार्ड तोड़ते हुए सदनों की बैठकों की संख्या 100 से पार कर देगी। सीएम के अनुसार इससे विधायकों को सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने और अपने हलकों की बात रखने के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा।

और मजबूत बनेंगे विधानसभा की समितियां
हरियाणा विधानसभा की 18 समितियां हैं, जो एक ‘लघु सदन’ के रूप में काम करती है। सभी दलों के विभिन्न विधायकों को इसका सदस्य बनाया जाता है। मगर विधायकों में टीस इस बात की रहती है कि जब ये कमेटियां किसी मुद्दे पर चर्चा कर अपनी रिपोर्ट सदन में रखकर किसी कार्रवाई के लिए सिफारिश करती है, तो उनकी सिफारिशों पर न तो प्रभावशाली चर्चा हो पाती है और न ही कोई फैसला हो पाता है। सीएम ने अपने संकल्प में इस बात पर जोर दिया कि अब ऐसा नहीं होगा इस कमेटियों को और मजबूत बनाया जाएगा और उनकी सिफारिशों पर सकारात्मक चर्चा के बाद सदन फैसला भी लेगा।
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हिपा की मदद से जारी रहेगी विधायकों की ट्रेनिंग

एक नई पहल करते हुए सीएम मनोहर लाल ने इस बात की भी घोषणा कर दी है कि विधायकों का ये ट्रेनिंग सेशन ‘हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (हिपा) की मदद से जारी रहेगा। इसके लिए एक विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम का खाका जल्द तैयार होगा। इसका मकसद हरियाणा के विधायकों की क्षमता को लगातार निखारना है।

ई-मेल से पहले पहुंचेगी विधेयकों की प्रति
 एक नया बदलाव अब यह होगा कि विधानसभा में नया विधेयक या संशोधन विधेयक आने से पहले उसकी ड्राफ्ट प्रति ई-मेल के जरिए सभी विधायकों को करीब सात दिन पहले पहुंचा दी जाएगी। ताकि वे उसका अच्छे ढंग से अध्ययन कर सदन में उस पर सकारात्मक और प्रभावशाली चर्चा करें व सुझाव दें।

सीएम के अनुसार कोई भी अपने आप में पूरी तरह सही नहीं होता। नया कानून बनाने व संशोधन करने में विधायकों के सुझाव बहुत मायने रखेंगे। इसके साथ ही कम से कम पांच दिन पहले ये ड्राफ्ट विधानसभा अध्यक्ष के पास भी भेज दिया जाएगा।
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