इतने में हथीन से इनेलो विधायक केहर सिंह रावत लगभग आधा दर्जन विधायकों सहित बेदी के पास पहुंच गए। रावत ने पहुंचते ही आपा खो दिया। वह बेदी की तरफ लपके और हाथ उठा दिए, उधर से बेदी ने भी हाथ उठाया। लेकिन, कैबिनेट मंत्री कविता जैन और खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज बीच में आ चुके थे, जिससे मारपीट होने से बच गई।
रेलिंग से छलांग लगाकर दौड़े मार्शल
हाथापाई की नौबत आती देख स्पीकर व वीआईपी दीर्घा में मौजूद मार्शल छलांग लगाकर दौड़े और बीच-बचाव किया। बेदी और केहर सिंह एक-दूसरे को बाहर निकलकर देख लेने की धमकियां देने में भी पीछे नहीं रहे। दोनों ने एक-दूसरे की ओर आपत्तिजनक इशारे भी किए। भाजपा विधायकों और इनेलो विधायकों के माहौल शांत कराने के बाद अभय ने बेदी की शिकायत सीएम मनोहर लाल से भी की। इसके बाद भी इनेलो विधायक सदन में हंगामा करते रहे। स्पीकर ने बेदी की ओर से की गई टिप्पणी को विधानसभा की कार्यवाही से हटवा दिया।
मानसून सत्र में निकले थे जूते
बीते मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला और पलवल से कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल के बीच जूते निकल आए थे। तब भी दोनों नेताओं के बीच किसी निजी टिप्पणी को लेकर ही बवाल हुआ था। अभय ने सदन में जूता लहरा दिया था, इसके जवाब में दलाल ने भी जूता निकाल लिया था। अभय और दलाल का यह विवाद सदन के बाहर भी खूब सुर्खियों में रहा।