भाजपा, कांग्रेस और इनेलो विधायक दल सत्र शुरू होने से पहले गुरुवार को ही विधानसभा सत्र के लिए अपनी रणनीति तैयार करेंगे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष के जो भी विधायक बचे हैं, उनके सवालों के जवाब मजबूती के साथ देंगे। सत्र में अनेक अहम बिल पास कराए जाएंगे। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में सत्र की अवधि छोटी रहने की संभावना है। चूंकि, सभी को चुनाव के लिए फील्ड में उतरना है।
सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव से शुरू होगी कार्यवाही
मॉनसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शोक प्रस्ताव के साथ शुरू होगी। बजट सत्र से लेकर अब तक देश और प्रदेश की महान शख्शियतों की मृत्यु पर सीएम, स्पीकर, संसदीय कार्य मंत्री, कांग्रेस और इनेलो नेता शोक प्रकट करेंगे।
इसके बाद प्रश्नकाल तय किया गया है। इसके बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट और अनुपूरक अनुमान एवं अन्य रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएगी। तीन और चार जुलाई को अवकाश रहेगा। पांच और छह जुलाई को फिर सदन की कार्यवाही चलेगी।
बदला-बदला होगा सदन का नजारा
हरियाणा विधानसभा का नजारा इस बार बदला-बदला होगा। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में होगी तो इनेलो विधायक, कांग्रेस विधायकों की सीटों पर बैठे नजर आएंगे। नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी बैठेंगी। उनके बगल में प्रोटोकॉल अनुसार डिप्टी स्पीकर संतोष यादव होंगी। इनेलो विधायक जाकिर हुसैन की सीट पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा बैठेंगे। वरिष्ठता अनुसार बाकी विधायकों का सिटिंग प्लान बनाया गया है।
नेता प्रतिपक्ष के बिना पहला सत्र
इनेलो से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा छिनने के बाद कांग्रेस को मुख्य विपक्षी दल के नाते अपना नेता प्रतिपक्ष घोषित करना था लेकिन अंतर्कलह के चलते पार्टी किसी एक विधायक के नाम पर मुहर नहीं लगा पाई। सीएलपी लीडर किरण चौधरी ने हालांकि पार्टी की अनुमति के बिना ही नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर अपना दावा ठोक दिया था लेकिन स्पीकर से मंजूरी नहीं मिली।
स्पीकर ने कांग्रेस पार्टी की ओर से इसका अधिकारिक पत्र मांगा था, जो आज तक विधानसभा को नहीं मिला। हुड्डा समर्थक विधायक किरण चौधरी को नेता प्रतिपक्ष न बनाने को लेकर हाईकमान को पत्र भी लिख चुके हैं। लंबे समय बाद यह पहला मौका होगा जब सदन की कार्यवाही बिना नेता प्रतिपक्ष के ही चलेगी।