जाट आरक्षण बिल के विधानसभा में पास होते ही मुख्यमंत्री खट्टर को पगड़ी पहनाते जाट नेता।
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हरियाणा में जाटों को आरक्षण मिलेगा। विधानसभा में आज पेश हुए जाट आरक्षण बिल को पास कर दिया है। सरकार के इस फैसले का लाभ जाटों के साथ गैर जाटों को भी मिलेगा। सूत्रों मुताबिक गैर जाट विधायकों और मंत्रियाें के दबाव में सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है। लिहाजा, बीसी-सी श्रेणी के तहत जाटों के साथ जट सिख, त्यागी, बिश्नोई और रोड़ को भी दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ होगा। इसके अलावा सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को वैधानिक दर्जा देने का भी फैसला लिया है।
सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। बैठक में जाट आरक्षण प्रारूप पर सहमति बनने के बाद मनी बिल राज्यपाल के पास भेज दिया गया था। अब यह बिल 31 मार्च से पहले कभी भी विधानसभा में पेश होना था। आज सदन में बिल आते ही पास हो गया।
सूत्रों के मुताबिक आर्थिक तौर से कमजोर वर्ग के लिए पहली और दूसरी श्रेणी की नौकरियों में आरक्षण दो प्रतिशत तक बढ़ाया है। यह लाभ बीसी-ए और बीसी-बी श्रेणी के लोगों को भी मिला है। उनके आरक्षण में एक-एक प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पहली और दूसरी श्रेणी की नौकरियों में बीसी-सी की नई कैटेगरी में शामिल पांच जातियों को छह प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। तीसरी और चौथी श्रेणी में करीब 17 प्रतिशत आरक्षण में बढ़ोतरी हो गई है, जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा।