हरियाणा विधानसभा का आठ अगस्त से शुरू होने वाला मानसून सत्र नई परंपराओं के आगाज के साथ बड़े बदलाव का भी साक्षी बनेगा। तीन दिवसीय सत्र की पूरी कार्यवाही ई-विधान से चलेगी। यह पहला डिजिटल सत्र होगा। कार्यवाही राष्ट्रगान से शुरू होकर राष्ट्रगीत के साथ संपन्न होगी। दोहरी बैठकों की परंपरा को खत्म कर दिया गया है। रोजाना एक बैठक में सदन की कार्यवाही छह घंटे चलेगी।
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कार्य सलाहकार समिति सहित तीन बैठकों में ये अहम निर्णय लिए गए। विधानसभा की नियम कमेटी ने सत्र का समय बदलने और स्थायी समिति ने अन्य प्रस्ताव मंजूर कर लिए। सर्वदलीय बैठक में सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान और समापन राष्ट्रगीत से करने पर सहमति बनी।
नई व्यवस्था के तहत सत्र की शुरूआत सुबह 11 बजे और समापन शाम छह बजे होगा। बीच में एक घंटे का मध्याह्न अवकाश रहेगा। रोजाना छह घंटे कार्यवाही चलने से विधायकों को अपनी बात रखने के लिए अधिक समय मिलेगा और विधायी कार्य भी ज्यादा होगा। ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि अब विधायक सत्र की पहली बैठक से 15 दिन पूर्व तक अपने प्रश्न लगा सकेंगे।
सत्रावसान के बाद विधायकों की तरफ से मांगी गई जानकारियां 21 दिन में दी जाएंगी। अभी तक यह समय सीमा 15 दिन की थी। संबंधित विभागों को जवाब तैयार करने के लिए कम समय मिल रहा था, इसलिए 6 दिन की अवधि बढ़ाई गई है। मानसून सत्र के पहले दिन विधायकों सुबह साढ़े 11 से एक बजे तक अभ्यास सत्र में ई-विधान को समझेंगे।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह का सत्र बुलाने की मांग कार्य सलाहकार समिति की बैठक में रखी, जिस पर कहा गया कि जरूरत पड़ी तो रूल्स कमेटी निर्णय लेगी। सत्र लंबा होना चाहिए था ताकि सभी विधायकों को अपनी बात रखने का मौका मिलता।
250 तारांकित, 185 अतारांकित प्रश्न पूछे
गुप्ता ने बताया कि मानसून सत्र के लिए विधायकों ने 250 तारांकित और 185 अतारांकित प्रश्न अभी तक पूछे हैं। इसकी सूचना विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हो चुकी है। सरकार की ओर से भेजे गए कार्यक्रम में 2 विधेयकों के पेश करने की बात कही गई है। 2 गैर सरकारी संकल्प भी मिले हैं। 24 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 2 कार्य स्थगन प्रस्ताव, 1 लघु अवधि प्रस्ताव आया है। मानसून सत्र को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं करवाई हैं।