भाजपा की ओर से हरियाणा के एक मात्र अकाली विधायक बलकौर सिंह को अपने पाले में कर लेने के बाद पार्टी अध्यक्ष व सांसद सुखबीर सिंह बादल का दर्द छलक पड़ा है। बीते 25 वर्षों से भाजपा के साथ गठबंधन धर्म निभा रहे अकाली दल ने भाजपा के इस फैसले को गठबंधन धर्म के विरुद्ध बताया है।
सुखबीर ने कहा बलकौर सिंह को अपने पाले में शामिल कर भाजपा ने न केवल अकाली दल के साथ विश्वासघात किया है, बल्कि हरियाणा विधासभा चुनाव एक साथ लड़ने के किये वादे से भी पीछे हट गई है। शिअद हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ राजनैतिक गठजोड़ नहीं करेगी।
सुखबीर बादल शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के बाद सूचना केंद्र कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। शिअद के हरियाणा विधानसभा चुनाव अपने दमखम पर अकेले ही लड़ने की घोषणा करने के साथ सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब में अकाली-भाजपा का गठबंधन बना रहेगा। पंजाब व दिल्ली में अकाली दल को भाजपा से कोई भी समस्या नहीं है।
सुखबीर ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा की हरियाणा में अकाली दल व भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़ते रहें है। भाजपा ने ही अकाली दल को हरियाणा विधान सभा का चुनाव मिलकर लड़ने का वादा किया था। इससे पूर्व सुखबीर बादल ने श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे नतमस्तक होकर अरदास की। उन्होंने पवित्र परिक्रमा के दर्शन किए। इससे पूर्व गुरुवार देर रात शिअद की कौर कमेटी की बैठक में भी भाजपा के इस निर्णय की निंदा की गई थी।