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मनोहर सरकार-2 में दुष्यंत चौटाला बनेंगे उप मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण समारोह में आ सकते हैं पिता

Sat, 26 Oct 2019 04:16 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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दुष्यंत चौटाला, नैना चौटाला - फोटो : फाइल फोटो
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बड़ी खबर आ रही है, जननायक जनता पार्टी सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला का हरियाणा की नई सरकार में उप मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। इससे पहले उनकी मां नैना चौटाला के उप मुख्यमंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे थे। इसके लिए जजपा कोर कमेटी की बैठक में मंथन भी हुआ और दुष्यंत के नाम पर मुहर लगी।
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दूसरी ओर, दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला को फरलो मिल गई है। उन्होंने दो हफ्तों यानी 14 दिनों की फरलो मिली है और वे आज शाम को तिहाड़ जेल से बाहर आ जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, वे कल बेटे के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले सकते हैं।

वहीं, पिता को फरलो मिलने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कोड ऑफ कंडक्ट खत्म होने के बाद उन्हें फरलो मिली है। उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही एक नई जिंदगी शुरू होगी, उस मौके पर पिता साथ होंगे, इससे बड़ी खुशी की बात और क्या होगी।
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पिता से मिलने के बाद दुष्यंत ने भाजपा को समर्थन देने का एलान किया
बता दें कि शुक्रवार को दुष्यंत चौटाला अपने पिता अजय चौटाला से मिलने तिहाड़ जेल गए और उनसे विचार विमर्श किया। उसके बाद देर शाम उन्होंने भाजपा को समर्थन देने का एलान कर दिया। उसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार रात 9:30 बजे भाजपा-जजपा गठबंधन का एलान किया।
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कौन हैं दुष्यंत चौटाला

जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला, ताऊ देवी लाल के परिवार से हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पोते और ताऊ देवी लाल के पड़पोते हैं। दुष्यंत उचाना कलां से पहली बार विधायक बनकर उपमुख्यमंत्री बने हैं। दुष्यंत का यह दूसरा विधानसभा चुनाव था, लेकिन जीते पहली बार।

2014 में वह इनेलो टिकट पर उचाना कलां से हार गए थे। उन्हें चौधरी बीरेंद्र की पत्नी प्रेमलता ने हराया था। इस बार जजपा के बैनर तले दुष्यंत उचाना से ही जीते और उन्होंने प्रेमलता को ही हराया है। वहीं भाजपा की गठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री पद पाकर दुष्यंत ने उचाना की चौधर भी कायम कर दी है।

उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला भी उचाना कलां से चुनाव लड़ते रहे हैं और जब चौधरी बीरेंद्र सिंह कांग्रेस में सीएम बनने की दौड़ में थे तो उन्हें बड़े चौटाला ने ही हराया था। इसके बाद बीरेंद्र सिंह कांग्रेस में बड़े नेता तो रहे पर सीएम की दौड़ में शामिल नहीं हो पाए।

अब दुष्यंत ने उपमुख्यमंत्री बनकर फिर बीरेंद्र परिवार को राजनैतिक झटका दिया है। दुष्यंत परदादा ताऊ देवी लाल की नीतियों पर ही आगे बढ़ रहे हैं। ताऊ हरियाणा के मुख्यमंत्री रहने के साथ ही 1989 से 1991 तक उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं। उस समय जनता दल की सरकार बनी थी।
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कौन हैं नैना चौटाला

नैना चौटाला, ताऊ देवी लाल के के परिवार की बहू हैं। वे अजय चौटाला की पत्नी और जजपा सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला की मां हैं। नैना चौटाला ने जजपा की टिकट पर बाढड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी जीत हुई। नैना चौटाला बाढड़ा हलके से चुनी गई तीसरी महिला विधायक हैं।

नैना से पहले 1972 में लज्जा रानी कांग्रेस से चुनाव लड़कर बाढड़ा से पहली महिला विधायक बनी थीं। बाढड़ा से दूसरी महिला विधायक चंद्रावती बनी थीं। उन्होंने 1982 का चुनाव लोकदल प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था और कांग्रेस प्रत्याशी अत्तर सिंह को 1097 वोटों से हराया था।

विधायक नैना चौटाला ने पिछले 52 सालों में सबसे अधिक मत प्राप्त किए हैं। नैना को 52809 वोट मिले हैं, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड धर्मबीर सिंह के नाम था। धर्मबीर सिंह ने 2005 में कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी और उन्हें 42981 वोट मिले थे।
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