एक बार विधायक व दो सरकारों में मंत्री रहे जगदीश यादव दो माह पहले ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। तभी से जगदीश को कोसली से भाजपा की टिकट मिलने के संभावना जताई जा रही थी। लेकिन जगदीश के धुर विरोधी राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ने खुलकर उनको टिकट देने का विरोध शुरु कर दिया, इसमें वे कामयाब भी हुए।
आखिरकार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व राव के समर्थक लक्ष्मण यादव को टिकट मिल गया। टिकट कटने के बाद से ही जगदीश के निर्दलीय चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को समर्थकों की बैठक में उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
सतीश यादव ने भी नहीं भरा पर्चा
टिकट कटते ही गुरुवार को विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास कार्यालय में बुलाई गई समर्थकों की पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव के पहुंचने से सभी चौंक गए थे। सतीश ने कापड़ीवास के साथ मिलकर भाजपा प्रत्याशी को हराने के लिए एक होकर चुनाव लड़ने की बात कही थी।
गुरुवार को देर रात तक चली बैठक में दोनों में से किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई थी। ऐसे में शुक्रवार को सतीश यादव ने अपने समर्थकों की बैठक बुलाई थी। माना जा रहा था कि सतीश यादव निर्दलीय पर्चा दाखिल कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अंतिम समय में उन्होंने पर्चा भरने से इनकार कर दिया।