हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान अपने आपराधिक रिकार्ड (यदि हो तो) को तीन बार सार्वजनिक करना होगा। इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से भी सार्वजनिक की जा सकती है। हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि ऐसा करना आपराधिक रिकार्ड वाले प्रत्याशी के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुार उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र भरते समय अपने आपराधिक रिकॉर्ड, यदि कोई है, जैसे किसी मामले में उम्मीदवार दोषी ठहराया गया हो या कोई लंबित मामला हो, ऐसे सभी आपराधिक मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है।
इसके साथ ही, नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन से लेकर मतदान की तारीख से 2 दिन पहले तक पूरे चुनावी प्रचार अभियान के दौरान उम्मीदवार द्वारा 3 बार अलग-अलग तिथियों पर उनके स्थानीय क्षेत्र में जानकारी निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए फॉर्मेट सी-1 में भरते हुए उसे सार्वजनिक करनी होगी।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मान्यता प्राप्त, पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा किसी व्यक्ति, जिस पर किसी भी प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज हैं, ऐसे व्यक्ति को चुनावों के लिए उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उस स्थिति में भी उन राजनीतिक दलों को समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के अलावा अपनी पार्टी की वेबसाइट पर भी उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देना अनिवार्य है।