भाजपा आलाकमान ने राव और उनके करीबी विधायकों की टिकट काटकर साफ संदेश दे दिया है कि मनोहर लाल पार्टी का हरियाणा में चेहरा हैं और उनके खिलाफ किसी तरह की बगावत सहन नहीं की जाएगी। सीएम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वालों को ही पार्टी तरजीह देगी। राव इंद्रजीत को भी कड़ा संदेश दे दिया गया है कि उनके दबाव में पार्टी आने वाली नहीं है।
उधर, इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल हुए विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया को फतेहाबाद से टिकट नहीं मिला है। भजनलाल परिवार के दूडा राम को टिकट दिया गया है। पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत भी गुरुग्राम से टिकट पाने में असफल रहे।
महम से बलराज कुंडू को भी टिकट नहीं मिली है। पार्टी से तीन और महिलाओं को टिकट दिया है। उद्योग मंत्री विपुल गोयल व वन मंत्री राव नरबीर की उम्मीदें अब पूरी तरह खत्म हो गई हैं। उन्हें दूसरी सूची में भी कहीं से टिकट नहीं मिला है।
रोहिता को भारी पड़ा पति का विवादित होना
पानीपत सिटी की विधायक रोहिता रेवड़ी को भी पार्टी ने घर बिठा दिया है। उनके पति का विवादों में घिरना विधायक को भारी पड़ गया। भाजपा व सरकार ने उनके पति के विवाद का कड़ा संज्ञान लिया था। विधानसभा क्षेत्र में भी उनका विरोध हो रहा था।
इन्हें मिले टिकट
नारायणगढ़ से सुरेंद्र राणा, पानीपत सिटी से प्रमोद विज, गन्नौर से निर्मला चौधरी, खरखौदा (एससी सीट) से मीना नरवाल, फतेहाबाद से दूडा राम बिश्नोई, आदमपुर से (टीवी कलाकार और महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष) सोनाली फोगाट , तोशाम से शशि रंजन परमार, महम से शमशेर खरकड़ा, कोसली से लक्ष्मण यादव, रेवाड़ी से सुनील मूसेपुर, गुरुग्राम से सुधीर सिंगला व पलवल से सीएम के राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला को टिकट दिया गया है।