हरियाणा के चुनावी रण में भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस मुद्दों की धार तेज कर रही है। पार्टी की योजना स्थानीय मुद्दों पर सत्तारूढ़ दल को घेरने की है। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर-दक्षिण हरियाणा की 56 में से 37 सीटें जीत थी, जबकि कांग्रेस को मात्र एक सीट मिली थी। इस बार कांग्रेस इन दोनों क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती है। इसे देखते हुए उत्तर-दक्षिण हरियाणा में नहरी पाने को चुनावी हथियार बनाया गया है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर हांसी-बुटाना नहर परियोजना की कानूनी अड़चनें दूर कर इसे सिरे चढ़ाने का पासा फेंका है।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व पूर्व सीएलपी लीडर किरण सिंह चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दादूपुर नलवी नहर परियोजना को दोबारा लागू किया जाएगा। यमुनानगर, अंबाला व कुरुक्षेत्र के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है। लखवार, रेणुका व किसाऊ डैम योजनाओं को पूरा करेंगे। मेवात कैनाल प्रोजेक्ट को पूरा करने व कोटला सहित अन्य झीलों का पुनर्निर्माण करने का वादा भी जनता से किया है। जनता मौका देती है तो गुरुग्राम व अन्य कैनाल की क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। नहरों में पानी छोड़ने का समय शेड्यूल घटाकर बीस दिन करेंगे।
हथनी कुंड बैराज से नारायणगढ़ तक पेयजल व सिंचाई के लिए नहर परियोजना विकसित की जाएगी। सभी सरकारी विभागों और बोर्डों से ठेका प्रथा को समाप्त किया जाएगा। आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील कर्मचारी और एनएचएम श्रमिकों के वेतन और भत्ते सरकारी कर्मचारियों के बराबर लाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट युवाओं को पिछली सरकार ने ग्रुप डी के पदों में भर्ती कर अपमानित किया गया था, उन्हें ग्रुप सी में समायोजित करेंगे। गेस्ट टीचर, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं लैब अटैंडडेंट आदि कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।
शहीदों के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की नीति तैयार की जाएगी। नीति में पूरा वेतन और भत्ते शामिल होंगे और साथ ही बच्चो की शिक्षा के लिए धन तथा शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 75 लाख मुआवजा दिया जाएगा। हरियाणा पुलिस के जवानों को एक दिन का साप्ताहिक अवकाश देंगे। गावों की बढ़ती आबादी और जरूरत के मद्देनजर गांव के लाल डोरे का विस्तार किया जाएगा।