हरियाणा में दोफाड़ हो चुके इनेलो को विधानसभा चुनाव में कम नहीं आंका जा सकता। बीते चुनाव के बाद पार्टी ने भले उतार-चढ़ाव देखे हों, लेकिन कैडर वोट अब भी लगभग पार्टी के साथ है। पुराने कार्यकर्ता पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला का साथ छोड़ने को किसी सूरत में तैयार नहीं हैं। ओपी चौटाला इस समय पैरोल पर हैं और टिकट वितरण का जिम्मा खुद संभाला हुआ है।
चौटाला के फील्ड में होने से इनेलो को ताकत मिल रही है। अगर पूर्व सीएम चौटाला पार्टी का पुराना कुनबा इक्ट्ठा करने में कामयाब हो गए तो विरोधियों का चुनावी गणित गड़बड़ाएगा। चूंकि, पार्टी ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 19 सीटें जीती थी और 40 सीटों पर उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे। बेशक, पार्टी टूटने का नुकसान हुआ है और दस विधायक व अनेक पूर्व विधायक व प्रत्याशी इनेलो छोड़कर भाजपा, कांग्रेस व जजपा में गए हैं।
भाजपा ने दस में से छह विधायकों को ही अभी टिकट दिया है। तीन को टिकट नहीं मिली है, जबकि फतेहाबाद सीट पर टिकट अभी तय होनी है। इनेलो छोड़ शामिल हुए तीन पूर्व विधायकों को भी भाजपा ने टिकट दी है। चार विधायक इनेलो के जजपा में हैं, उनसे पहले दुष्यंत व निशान सिंह पार्टी छोड़ चुके थे। दुष्यंत व निशान ने पिछली बार इनेलो टिकट पर ही चुनाव लड़ा था। बदले हालात में इनेलो कितना दमखम दिखाता है, यह चुनाव नतीजे ही बताएंगे।
2014 में जीते इनेलो उम्मीदवार
अभय सिंह चौटाला, नैना चौटाला, वेद नारंग, ओमप्रकाश बरवा, मक्खन लाल सिंगला, जाकिर हुसैन, नसीम अहमद, जसविंद्र सिंह संधू, हरिचंद मिड्ढा, बलवान सिंह दौलतपुरिया, परमिंद्र ढुल, रणवीर गंगवा, प्रो. रविंद्र बलियाला, रामचंद्र कंबोज, अनूप धानक, राजदीप फौगाट, पिरथी सिंह नंबरदार, नगेंद्र भड़ाना, केहर सिंह। इनमें से विधायक हरिचंद मिड्ढा व जसविंद्र संधू की कार्यकाल के दौरान ही मृत्यु हो गई।
दस जीते विधायक भाजपा में गए, छह को मिली टिकट
नैना चौटाला, अनूप धानक, राजदीप फौगाट, पिरथी सिंह नंबरदार जजपा में शामिल। मक्खन लाल सिंगला, जाकिर हुसैन, नसीम अहमद, बलवान सिंह दौलतपुरिया, परमिंद्र ढुल, रणवीर गंगवा, प्रो. रविंद्र बलियाला, रामचंद्र कंबोज, नगेंद्र भड़ाना, केहर सिंह रावत भाजपा में गए। मक्खन लाल सिंगला, प्रो. रविंद्र बलियाला, केहर सिंह रावत को भाजपा से भी टिकट नहीं मिला। बलवान सिंह दौलतपुरिया की सीट फतेहाबाद से अभी टिकट घोषित नहीं।
2014 में दूसरे नंबर पर रहे इनेलो उम्मीदवार
प्रदीप चौधरी कालका, कुलभूषण गोयल पंचकूला, राजबीर सिंह मुलाना, पिंकी सढौरा, दिलबाग सिंह यमुनानगर, राज कुमार रादौर, बच्चन कौर लाडवा, राम करन शाहबाद, अशोक कुमार अरोड़ा थानेसर, रामपाल माजरा कलायत, कैलाश भगत कैथल, मामू राम नीलोखेड़ी, उषा कश्यप इंद्री, नरेंद्र सांगवान घरौंडा, निर्मल रानी गन्नौर, इंद्रजीत राई, डॉ. कृष्ण चंद्र गोहाना, डॉ. कपूर सिंह बड़ौदा, दुष्यंत चौटाला उचाना कलां, निशान सिंह टोहाना, कुलवीर सिंह बेनीवाल आदमपुर, राज सिंह मोर नारनौंद, उ मेद सिंह लोहान हांसी, निर्मला सराफ भिवानी, कमला रानी तोशाम, दया भुरटाना बवानीखेड़ा, सतीश कुमार नांदल गढ़ी सांपला किलोई, साधु राम झज्जर, सतबीर अटेली, कमलेश नारनौल, मंजू नांगल चौधरी, श्याम सुंदर बावल, जगदीश यादव कोसली, सतीश यादव रेवाड़ी, गंगाराम पटौदी, राकेश दौलताबाद बादशाहपुर, गोपी चंद गहलोत गुरुग्राम, किशोर यादव सोहना, मोह मद इलियास पुन्हाना, जगदीश नायर होडल।
हारे हुए उम्मीदवारों ने भी बदला पाला, पाई टिकट
प्रदीप चौधरी कांग्रेस में, कुलभूषण गोयल भाजपा में, राजबीर सिंह मुलाना से भाजपा टिकट मिली, अशोक कुमार अरोड़ा कांग्रेस में, रामपाल माजरा भाजपा में, कैलाश भगत भाजपा में, दुष्यंत चौटाला जजपा बना चुके, निशान सिंह जजपा प्रदेशाध्यक्ष बने, सतीश कुमार नांदल गढ़ी सांपला किलोई से भाजपा टिकट मिला, जगदीश यादव भाजपा में, गोपी चंद गहलोत भाजपा में, मोह मद इलियास कांग्रेस में, जगदीश नायर भाजपा टिकट मिला।