हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी और सलाहकारों के इस्तीफे सरकार ने मंजूर कर लिए हैं। तीन विशेष कार्यकारी अधिकारियों और तीन सलाहकारों ने आचार संहिता लागू होने से पहले ही अपने पदों से इस्तीफे सरकार को भेज दिए थे। विशेष कार्यकारी अधिकारियों और सलाहकारों ने 18 व 20 सितंबर को अपना इस्तीफा दिया था।
सरकार ने इस्तीफे मंजूर करने के आधिकारिक स्वीकृति आदेश सोमवार को जारी कर दिए। मुख्य सचिव कार्यालय से इस संबंध में पत्र जारी हो गया है। इस्तीफा देने वाले तीन मुख्य कार्यकारी अधिकारियों में प्रधान ओएसडी नीरज दफ़्तुआर, ओएसडी भूपेश्वर दयाल और अमरेंद्र सिंह शामिल हैं।
मीडिया सलाहकारों में राजीव जैन और अमित आर्य ने पद छोड़ा है तो प्रधान राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला भी सरकारी बंधन से मुक्त हो गए हैं। अब ये विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए खुलकर काम कर सकेंगे। सरकारी पद पर रहते हुए ये पार्टी का काम नहीं कर सकते थे। आचार संहिता इनके आड़े आती।
इसे देखते हुए ओएसडी और सलाहकारों ने आचार संहिता लगने से पहले ही पद छोड़ना सही समझा। चूंकि, अब वैसे भी नई सरकार ने ही प्रदेश में सत्ता संभालनी है। दीपक मंगला इस बार भी पलवल से चुनाव लड़ सकते हैं। बीता चुनाव भी उन्होंने यहीं से लड़ा था, लेकिन जीत नहीं पाए थे।
राजीव जैन के भी सोनीपत से चुनाव लड़ने की अटकलें जारी हैं। वर्तमान में उनकी पत्नी कविता जैन सोनीपत से विधायक और सरकार में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री हैं।