मनोहर लाल के है करीबी
वे साल 2002 में युवा मोर्चा बीजेपी अंबाला से जिला महामंत्री बने। इसके बाद साल 2005 में युवा मोर्चा भाजपा अंबाला में जिला अध्यक्ष रहे। सैनी 2009 में किसान मोर्चा भाजपा हरियाणा के प्रदेश महामंत्री भी रहे। 2012 में वे अंबाला भाजपा के जिला अध्यक्ष बने। आरएसएस के समय से सैनी को मनोहर लाल का करीबी माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि सीएम ने ही उन्हें कुरुक्षेत्र से टिकट देने की पैरवी की थी।
नारायणगढ़ से हारे थे चुनाव
नायब सिंह ने 2009 में अंबाला के नारायणगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन कुल 1,16,039 वोटों में से 3,028 वोट हासिल कर रामकिशन गुर्जर से हार गए थे। 2014 में उन्होंने 24,361 वोटों से इसी क्षेत्र से चुनाव जीता था, जिसके बाद वे प्रदेश सरकार में 24 जुलाई 2015 से तीन जून 2019 तक राज्यमंत्री भी रहे। उन्होंने प्रदेश में श्रम एवं रोजगार मंत्री स्वतंत्र प्रभार के अलावा खान एवं भू विज्ञान मंत्री व नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के तौर पर भी कार्यभार संभाला।
नायब सैनी दस साल की सत्ता विरोधी लहर और लोगों को नाराजगी को कम करने में कामयाब रहे। उनका लगातार लोगों से मिलना और सीएम आवास को लोगों के लिए खोलना भी काम कर गया है। 56 दिन में उन्होंने 100 से ज्यादा फैसले लिए। इनमें अधिकतर फैसले किसानों, ओबीसी और दलित वर्ग से जुड़े थे। इनमें कई योजनाएं ऐसी थी, जिससे जनता को जल्द और सीधा लाभ मिला।